सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए अपनाए इन तरीकों को, नही होगी माइग्रेन की समस्या

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आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हर कोई तनाव में रहता है, जिसकी वजह से कोई भी चिड़चिड़ा हो सकता है। ऐसे में तनाव ज्यादा होने पर  सिरदर्द तो होता ही है। लेकिन ज्यादा तनाव के कारण ये समस्या लगातार रहती है और सिरदर्द के कारण काफी तकलीफ होता है। ऐसे में कई लोग दवाई लेते हैं तो कोई अपने आपको तनावमुक्त करने के लिए गतिविधियां करते हैं।
हमारी अस्‍वस्‍थ आदतें और खानपान में अनियमितता ही सिरदर्द की प्रमुख वजह है। कुछ बीमारियां और हमारे कपड़े पहनने का अंदाज भी इसका कारण बन सकता है। ज्यादा तनाव के कारण सिरदर्द होता है, तनाव को कम करने के लिए हर कोई कोशिश तो करता है लेकिन तनावमुक्त होना थोड़ा मुश्किल होता है। बढ़ते तनाव के कारण माइग्रेन की समस्या भी पैदा हो सकती है। माइग्रेन में अक्सर सिर में स्पंदन होता है, रोशनी की ओर देखने का मन नहीं करता और उल्टी होती है। डॉक्टर रंजन के मुताबिक, वह रोजाना जितने मरीजों को देखते हैं, उनमें करीब 3क् प्रतिशत सिरदर्द एवं माइग्रेन के होते हैं।

अकसर कैफीन की अधिकता भी सिर दर्द का कारण बनती है। कुछ खाने वाली चीजों जैसे पुडिंग और केक में इतनी कैफीन होती है कि उन्हें खाने से सिर में दर्द हो जाता है। इस पर भी ध्यान रखें कि जिनमें मोनो सोडियम ग्ल्यूटामेट हो, जैसे प्रोसेस्ड मीट और फिश, खमीर से बेक्ड खाना, रेड वाइन, सिट्रस फ्रूट और आर्टिफिशियल स्वीटनर वाली चीजें, अपने भोजन से एकदम कम कर दें।

कई बार बहुत ठंडी आइसक्रीम या जमा हुआ कोल्ड ड्रिंक पीने से लगता है कि सिर में दर्द हो गया। इसे ही बेन फ्रीज कहते हैं, जो बहुत ठंडा खाने से या पीने से होता है। यदि आपको माइग्रेन की शिकायत है तो आपको इस ठंडे सिर दर्द से बच कर रहना पड़ेगा। इसके लिए बहुत ठंडे व फ्रीज्ड पदार्थ खाने-पीने से जहां तक हो सके बचें।

वातावरण में आया अचानक बदलाव, गरमी, तेज हवा, ह्यूमिडिटी भी सिर दर्द के जनक हैं। कभी-कभी सूरज की तेज रोशनी, ग्लेयर, फ्लोरेसेंट लाइटिंग या टेलिविजन स्क्रीन से भी ऐसा हो सकता है। साथ ही बहुत ठंडक होने से भी माइग्रेन होता है। प्रदूषण, धुंआ व सिगरेट के धुंए से भी सिर दर्द हो सकता है। कई बार तेज चुभने वाली आवाज से भी सिर में भयानक दर्द हो जाता है। इसे ही नॉयज पॉल्यूशन कहते हैं।

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