पिता की जिंदगी से ज्यादा देश के मान के लिए खेली ये खिलाडी

नई दिल्ली: लालरेमसियामी का जन्म ३० मार्च २००० को मिजोरम में हुआ था. लालरेंसीअमि का जन्म एक किसान परिवार कोलासिब में हुआ था, यह शहर लगभग 80 किलोमीटर आइजोल , मिजोरम में स्थित है। भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी लालरेमसियामी इस समय सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हो रही हैं. लालरेमसियामी ने भारत के लिए एशियन चैंपियंस ट्रोफी २०१८ में रजत पदक और एशियन गेम्स २०१८ में भी रजत पदक जीता. पिता का देहांत होने के बाद भी मिजोरम की इस खिलाड़ी ने हिरोशिमा में एफआईएच वूमेन सीरीज फाइनल (FIH Women’s Series Finals) को खेलने का निश्चय किया. वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाईं. क्योकि वो भारत देश के लिए खेल रहीं थी. भारत ने पहले 4-2 से चिली को हराया. फिर फाइनल में जापान को 3-1 से मात दी. पिता के अंतिम संस्कार में शामिल ना होकर लालरेमसियामी का फाइनल खेलने का फैसला खिलाडियों के लिए एक मिसाल बन गया. लालरेमसियामी मंगलवार को जब अपने घर पहुंची तो वहां का माहौल बहुत इमोशनल था. लालरेमसियामी के पिता की मौत शुक्रवार को हार्ट अटैक से हो गई थी.

भारतीय टीम की कैप्टन रानी रामपाल ने मैच की जीत को लालरेमसियामी के पिता को समर्पित किया. लालरेमसियामी मंगलवार को जब अपने घर पहुंची तो वह खुद को रोक न सकीं और अपनी मां के गले लगकर रो पड़ीं. मिजोरम सरकार के अधिकारी और उनके पूरे गांव के लोग वहां मौजूद थे.

लालरेमसियामी को उनके साथियों द्वारा सियामी नाम से पुकारा जाता है. लालरेमसियामी के खेल के प्रति जुनून को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्विटर पर लालरेमसियामी के पिता के निधन की बात शेयर की. उन्होंने लिखा, ‘भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी लालरेमसियामी के पिता का निधन हो गया. इस समय भारत, हिरोशिमा में सेमीफाइनल खेल रहा था. उन्होंने (लालरेमसियामी) अपने कोच से कहा, ‘मैं अपने पिता को गर्व महसूस करवाना चाहती हू. मैं खेलना चाहती हूं और भारत को क्वालीफाई करवाना चाहती हूं.’ बेटी के जेहन में इस तरह का देश के लिए जज्बा बहुत ही अनुकरणीय है जिस पर पुरे देश को गर्व होना चाहिए.

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