शंख बजाने से नहीं होती ये दुर्लभ बीमारियां, ये हैं बेहतरीन फायदे!

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नई दिल्ली: हमारे शाशत्रों में शंख बजाने की प्रक्रिया को शुभ माना जाता है। कहा जाता है की शंख की ध्वनि जितनी दूर तक पहुँचती है, उतनी दूर का वातावरण मंगलमय, भक्तिमय व बेहद शुद्ध हो जाता है। आध्यात्म को छोड़ कर हम शंख बजाने के प्रभाव की बात करें तो यह स्वास्थ क्र लियर बहुत अच्छा माना जाता है।

शंख बजाने से नहीं होती ये दुर्लभ बीमारियां, ये हैं बेहतरीन फायदे!

हिन्दू धर्म में लोग पूजा में शंख का इस्तेमाल अधिक करते हैं, उसे बजाने के साथ-साथ उसकी पूजा भी करते हैं। शंख बजाए जाने जितना धार्मिक महत्व है, उतना ही उसका वैज्ञानिक प्रभाव भी है। यहां हम शंख के ऐसे ही चौंकाने वाले फायदों के बारे में बात करेंगे, जिनकी पुष्टि विज्ञान भी कर चुका है…..

शंख की ध्वनि से वातावरण में मौजूद जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। मच्छर भी भाग जाते हैं। यह बात महान वैज्ञानिक जेसी बॉस अपने प्रयोगों के जरिए साबित कर चुके हैं।

नियमित शंख बजाने वाले को कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा। शंख बजाने से सारे ब्लॉकेज खुल जाते हैं। इसी तरह बार-बार श्वास भरकर छोड़ने से फेंफड़े भी स्वस्थ्य रहते हैं। हकलाने वाले बच्चों से शंख बजवाया जाए, तो उनकी हकलाहट दूर हो सकती है।

रात में शंख में पानी भरकर रखें और सुबह उसे अपनी त्वचा पर मालिश करें। इससे त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाएंगे। साथ ही रात में शंख में भरे गए पानी में गुलाब जल मिलाकर बाल साफ करने पर बाल कभी सफेद नहीं होंगे। यदि आपको पेट में दर्द रहता है और पाचन खराब है तो शंख में रखा पानी पीने से ये रोग दूर हो जाएंगे।

जिन लोगों को नौकरी या कामधंधे का तनाव रहता है, उन्हें भी शंख बजाना चाहिए। शंख बजाते समय दिमाग से सारे विचार चले जाते हैं। इससे तनाव काम करने में मदद मिलती है।

जिन घरों में शंख बताया जाता है, वहां कभी नकारात्मकता नहीं आती है। कहते हैं कि जब शंख बजाया जाता है तो ओम की ध्वनि निकलती है। ओम ही वह शब्द है, जिसका उच्चारण सबसे पहले भगवान ने किया था।

अगर आप भी अपने स्वास्थ को चुस्त और दुरुस्त रखना चाहते हैं तो आप भी शंख बजाने की प्रक्रिया को अपना सकते हैं।

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