शारदा चिट फंड घोटाले के ये 2 मुख्य आरोपी आज हैं BJP के कार्यकर्ता

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में धरने पर बैठी हैं. सीबीआई अधिकारियों के कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचने के बाद से यह घमासान मचा हुआ है. ममता का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है. ममता बनर्जी की अगुवाई वाले ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार जानबूझकर उन्हें निशाना बना रही है. उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार अगर इतनी निष्पक्ष है तो टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले शारदा चिट फंड घोटाले के आरोपी मुकुल रॉय और असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ जांच क्यों नहीं हो रही है?

पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक मचे सियासी घमासान के बीच TMC ने मुकुल रॉय और हेमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ जांच नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया है. टीएमसी के नेता गार्गा चटर्जी ने ‘आजतक’ से कहा, ‘तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले मुकुल रॉय और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के बीच 3 अक्टूबर 2018 को फोन पर बातचीत हुई थी. यह बातचीत लीक हो गई थी जिसे लेकर खबर भी छपी थी. इस बातचीत में कहा गया था कि बंगाल के IPS को टारगेट करने के लिए सीबीआई को इस्तेमाल करना है.’

टीएमसी नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में रैली करने आते हैं और राजीव कुमार का नाम लेकर कहते हैं कि इसे हम देख लेंगे. इसके दो दिन बाद सीबीआई 40 अफसरों को लेकर कोलकाता पुलिस प्रमुख के घर पहुंच जाती है. असल में वो (पीएम मोदी) बौखला गए हैं. जिनकी छाती 56 इंच की है वो 356 (राष्ट्रपति शासन) लगाना चाहते हैं.’ गार्गा चटर्जी ने आरोप लगाया कि मुकुल रॉय भी चिटफंड घोटाले में आरोपी हैं. सीबीआई उनसे पूछताछ क्यों नहीं कर रही है.

गार्गा चटर्जी के आरोप पर बीजेपी ने भी सफाई दी है. बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘सीबीआई का स्वतंत्र होना बहुत जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सरकार को डांट लगाते हुए कहा था कि सीबीआई को पिंजरे का तोता बना दिया है. लेकिन आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पूरी तरह से निष्पक्ष होकर जांच कर रहे हैं. ये सभी स्वायत्त संस्थान हैं तो हम कैसे तय कर सकते हैं कि कौन किससे पूछताछ करेंगे या किससे नहीं करे.’  उन्होंने कहा कि जो कोई आरोपी है सीबीआई उसके खिलाफ जांच कर रही है और जिसे जांच से शिकायत हैं वो सुप्रीम कोर्ट जाकर अपनी बात रखे जैसे हम गए हैं

असल में, अप्रैल 2013 में शारदा समूह के चिटपंड घोटाले का खुलासा हुआ था. इसकी वजह से उस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति में हंगामा खड़ा हो गया था. इस घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं आरोप लगे. मुकुल रॉय और असम के हेमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ भी आरोप लगे थे. उन्हें पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश होना पड़ा. बाद में TMC के नेता और एक जमाने में ममता बनर्जी दाहिने हाथ कहे जाने वाले मुकुल रॉय ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. वहीं असम में कांग्रेस के विधायक रहे हेमंत बिस्वा शर्मा 2016 में पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए.
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