अंतरिक्ष में सालभर रहने वाले स्कॉट केली के शरीर में हुआ ये परिवर्तन करेगा आप को भी परेशान

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वॉशिंगटन: अंतरिक्ष में करीब एक साल गुजारने वाले नासा के अंतरिक्षयात्री स्कॉट केली का शरीर पहले जैसा नहीं रहा। उनके शरीर में काफी बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने धरती की परिक्रमा कर रहे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 340 दिन गुजारे थे।
वह तीन साल पहले धरती पर लौट थे। नासा के शोधकर्ताओं ने गुरुवार को कहा कि कक्षा में रहने के दौरान केली के शरीर ने कई बदलावों का सामना किया। उनकी कुछ कोशिकाओं में डीएनए परिवर्तित हो गया। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली ने नए सिग्नलों की उत्पत्ति की, जबकि उनके शरीर में कुछ नए प्रकार के बैक्टीरिया पाए गए|
इनमें से कई शारीरिक बदलाव नुकसानदेह नहीं पाए गए और धरती पर लौटने के बाद दूर हो रहे हैं। मगर, कुछ आनुवांशिक बदलाव और स्मृति संबंधी गिरावट दुरुस्त नहीं हो पाई है। इसके चलते वैज्ञानिकों में चिंता बढ़ गई है।
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इन खतरों पर काबू पा ला लिया जाएगा, जबकि कुछ इस बात को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या अंतरिक्षयात्रियों के लिए मंगल ग्रह या अंतरिक्ष में लंबा सफर करना सुरक्षित होगा। हालांकि, इसका जवाब और अंतरिक्षयात्रियों पर होने वाले अध्ययनों के नतीजों पर निर्भर करेगा। अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एरिक टोपोल ने कहा, “मेरा मानना है कि यह व्यापक अनुमान है।”
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रहे 340 दिन
55 वर्षीय केली अमेरिकी नौसेना में कैप्टन रह चुके हैं। वह और उनके भाई मार्क 1995 में नासा से जुड़े और अंतरिक्षयात्री बन गए। अंतरिक्ष के सफर की चुनौतियों पर एक साल के परीक्षण के लिए चुने जाने पर केली 27 मार्च, 2015 को एक अन्य अंतरिक्षयात्री के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में गए थे।
वह एक मार्च, 2016 को धरती पर लौटे थे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन में 340 दिन गुजारे थे। उन्होंने 12 मार्च, 2016 को नासा से रिटायर होने का एलान किया था।
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