इस सरकारी स्कूल में होता है मस्तिष्क का विकास, अटेंडेंस से मिलता है ज्ञान

0

नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों की बात करें तो  इसकी पढ़ाई को लेकर किसी के भी मस्तिष्क में छवि ज्यादा अच्छी नहीं रहती है। आमतौर पर माना जाता है कि सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से अच्छी पढ़ाई नहीं होती है। लेकिन अब सरकारी स्कूल भी बच्चों को पढ़ाने के लिए नए तरीके आजमा रहे हैं, जिससें छात्रों को न केवल पढ़ने में मजा आ रहा है, बल्कि उनका  सामान्य ज्ञान भी बढ़ रहा है।
आपको बता दें कि रांची के बरियातू इलाके के एक सरकारी स्कूल अनोखे ढंग से बच्चों की पढ़ाई करवाता है। इस स्कूल में बच्चे अटेंडेंस के वक्त Yes…sir  या Yes…Mam नहीं बोलते, बल्कि इसके स्थान पर छात्र शहरों के नाम या फिर राज्य और उसकी राजधानियों के नाम बोलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

छात्रों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिए और भी कई तरीके अपनाए जाते हैं। इससे बच्चे खेल-खेल में नई जानकारी हासिल कर पा रहे हैं।

वहीं इन इनोवेटिव तरीकों से छात्रों को पढ़ने में खासा मजा आ रहा है। क्लास की टीचर भी मानती हैं कि इन तरीकों से छात्रों को बड़ा फायदा पहुंच रहा है और बच्चे जल्द ही किसी चीज को समझ पा रहे हैं।

इसके अलावा छात्रों को विभिन्न उत्पादों के रैपर पर मौजूद जानकारियों को बताया जाता है। कक्षा एक से चार तक के बच्चो को फूलों, फलों और सब्जियों के नाम बुलवाए जाते हैं।

झारखंड के सरकारी स्कूलों में इन तरीकों को लागू करवाने के पीछे अरविंदो सोसाइटी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। स्कूल के प्रिंसिपल नसीम अहमद के मुताबिक यह प्रयोग झारखंड के सभी स्कूलों में किया जाना है।

 

loading...
शेयर करें