Coronavirus से सुरक्षा के लिए ये मास्क है सबसे ज्यादा असरदार, ऐसे करें इस्तेमाल

कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप वैश्विक स्तर पर फैल रहा है. इससे अब तक तीन हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को भारत में कोरोना वायरस के तीन मामलों की पुष्टि हुई है. नोएडा (Noida) के दो स्कूलों को कोरोना वायरस संक्रमण के डर से तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने पहले ही सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है, क्योंकि यह जानलेवा वायरस दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

ज्ञात हो कि नोवेल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) से अब तक 80 हजार से भी ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की खबर है और तीन हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं, इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह घातक वायरस दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन चुका है. कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मास्क की बिक्री में काफी तेजी आई है, खासकर चीन में मास्क (Mask) की मांग ज्यादा बढ़ गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने यहां तक कि बात करने के दौरान ये घातक वायरस हवा में फैल जाते हैं और दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं. ऐसे में लोग इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. यही वजह है कि अधिकांश लोगों मे मास्क खरीदने की होड़ सी मच गई है. आलम तो यह है कि मास्क विक्रेताओं को इसकी कमी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी कि कोरोना वायरस से बचाव में मास्क कितना प्रभावी है और इसका इस्तेमाल किसे करना चाहिए?

किसे करना चाहिए मास्क का इस्तेमाल?

1- अगर आप एक चिकित्सा कर्मचारी हैं.

2- अगर आप COVID-19 से संक्रमित हैं.

3- अगर आप संक्रमित रोगियों के संपर्क में हैं.

4- अगर आप वायरस के प्रकोप वाले क्षेत्र में हैं.

5- अगर आप संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं.

6- अगर आप में फ्लू जैसे कोई लक्षण दिखाई दे रहे हैं.

बेशक मास्क बीमारी के प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीका हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने के बावजूद भी आप फ्लू या सर्दी की चपेट में आ रहे हैं तो मुमकिन है कि यह कोरोना वायरस से बचाव में उतना प्रभावी नहीं है. इसका कारण यह है कि ज्यादातर लोग यह नहीं जानते है कि इसका इस्तेमाल ठीक से कैसे किया जाए? यहां तक कि दिन में कई बार खाने-पीने के लिए मास्क को उतारना पड़ता है.

वहीं सर्जिकल मास्क की तरह डिस्पोजेबल मास्क को व्यक्ति के मुंह से निकलने वाले बड़े ड्रॉपलेट को अलग करने के लिए डिजाइन किया गया है. हालांकि वे हवा में छोटे कणों को अवरुद्ध करने के लिए नहीं बने हैं. ऐसे मास्क का इस्तेमाल 3-8 घंटे से ज्यादा नहीं करना चाहिए.

कोरोना वायरस से सुरक्षा के तौर पर एन 95 श्वासयंत्र का इस्तेमाल ज्यादा प्रभावी माना गया है, क्योंकि ये मास्क अच्छी तरह से फिट होते हैं और छोटे कणों को छानते हैं. यह हवा में मौजूद 95 फीसदी छोटे कणों को अवरुद्ध करता है. हालांकि इसका उपयोग करते समय यह सुनिश्चित करें कि मास्क नाक और मुंह के पास ठीक तरह से फिट बैठता हो और हवा के माध्यम से गुजरने के लिए कोई जगह नहीं है. इसके साथ ही बार-बार मास्क को छूने से बचें.

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