IPL
IPL

बिना दुष्कर्म के इस शख्स ने जेल में बिताए 20 साल, कहानी जानकर रौंगटे खड़े हो जाएंगे

गलती से दोषी ठहराए गए ललितपुर के 43 वर्षीय व्यक्ति की जिसे 20 साल की जेल की सजा काटने के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे बरी कर दिया है। 

नई दिल्ली: आपने अपराधियों को तो सलाखों के पीछे हमेशा देखा होगा लेकिन क्या ऐसे शख्स के बारे में सुना है जो बिना किसी गलती के भी 20 साल सलाखों के पीछे बंद रहा। जिसकी ज़िन्दगी हमेशा के लिए बदल गई बिना किसी कसूर के जी हां हम बात कर रहे है दुष्कर्म के मामले में गलती से दोषी ठहराए गए ललितपुर के 43 वर्षीय व्यक्ति की जिसे 20 साल जेल की सजा काटने के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है।

इस व्यक्ति का नाम विष्णु तिवारी है जिस पर 20 साल पहले एक दलित महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था उस वक़्त विष्णु तिवारी की उम्र महज़ 23 साल थी। एससी/एसटी एक्ट के तहत दुष्कर्म में दोषी ठहराए जाने के बाद विष्णु कई सालों से आगरा की जेल में बंद था। इस बीच उसके माता-पिता और दो भाइयो की मृत्यु भी हो गई लेकिन उसे अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं होने दिया गया। और अब उसे इलाहाबाद की हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने आरोपों से बरी कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, ललितपुर जिले की एक दलित महिला ने सितंबर सन 2000 में विष्णु तिवारी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जिसके आरोप में उन्हें जेल हो गई थी। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में विष्णु तिवारी पर IPC की धारा 376, 506 और SC /SC एक्ट की धारा 3 (1) (7), 3 (2) (5) के तहत मामला दर्ज किया था। जिसके बाद विष्णु ने सन 2005 में हाई कोर्टमें में इसके खिलाफ अपील की लेकिन 16 साल तक इस पर कोई भी सुनवाई नहीं हुई। और अब इस पर सुनवाई होने के बाद विष्णु को रिहा कर दिया गया है।

यह भी पढ़े: MHA ने जारी किया IB ACIO 2021 का Answer Key, जानिए Objection करने की अंतिम तिथि

Related Articles

Back to top button