लखनऊ में ठेकेदारों की भ्रष्टाचारी की पोल खोलती रिंग रोड की यह तस्वीर

लखनऊ: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट आउटर रिंगरोड को बनाने में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और ठेकेदार कंपनी की लापरवाही सामने आई है। जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन को बिना हटाए ही ठेकेदार कंपनी ने सड़क बना दी। इससे बुधवार की बारिश में ऑउटर रिंगरोड की 30 मीटर सर्विस लेन धंस गई। इस वजह से अब दो दिन तक सर्विस लेन पर ट्रैफिक बाधित रहेगा।सड़क बुधवार दोपहर धंसी। शाम तक करीब 30 मीटर लंबाई में सर्विस लेन और सर्विस लेन की सुरक्षा दीवार व बेरीकेडिंग बर्बाद हो गई। इसके बाद एनएचएआई ने यहां से ट्रैफिक बंद करा दिया। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार कंपनी को सर्विस लेन दोबारा से बनाने के लिए कहा गया है। 48 घंटे में सर्विस लेन को ठीक कर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।

२४ साल तक जेल में रहने के बाद आरोपी साबित हुए निर्दोष

सड़क धंसने का कारण एनएचएआई के अधिकारी नीचे मौजूद एक पुरानी पाइपलाइन को बता रहे हैं। उनका कहना है कि आसपास किसी आबादी के मौजूद नहीं होने से पाइपलाइन के नीचे डाले जाने की उम्मीद नहीं थी। ठेकेदार कंपनी ने भी बिना जांच किए पाइपलाइन के ऊपर ही सुरक्षा दीवार और सर्विस लेन बना दी। मिट्टी का कटान पाइपलाइन की वजह से हुआ। इससे ही सड़क धंसी।

ठेकेदार को करनी होती है पांच साल तक देखभाल

एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर का कहना है कि आउटर रिंगरोड के निर्माण में लगी कंपनियों को पांच साल तक देखभाल और मरम्मत का काम करना है। यह उनके अनुबंध में शामिल है। ऐसे में अगर लापरवाही से सड़क धंसती है तो यह काम दोबारा कंपनी करेगी। इसके लिए जरूरी 10 प्रतिशत परफॉर्मेंस गारंटी भी जमा कराई गई है।

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