बीमा के नाम पर इस तरह की हो रही है धोखाधड़ी, इस तरह से करे बचाव 

नई दिल्ली:कोरोना वायरस की वजह से बीमा कारोबार में काफी अच्छी ग्रोथ दिखी है. हेल्थ इंश्योरेंस की बिक्री में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.बता दे की इन दिनों मिस-सेलिंग और इंश्योरेंस के नाम पर धोखाधड़ी भी खूब हो रही है. इंश्योरेंस सेक्टर के रेगुलटर इरडा ने इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने के नाम पर ग्राहकों से हो रहे फर्जीवाड़े के प्रति आगाह किया है. इरडा ने कहा है कि लोग सीधे बीमा कंपनियों या रजिस्टर्ड इंटमीडियरी या एजेंटों से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें.

इरडा ने गुमनाम करने वाले फोन कॉल्स पर आगाह किया

बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी इरडा ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि आम लोगों और पॉलिसी होल्डर्स को अनजान लोगों के कॉल आते हैं, जिसमें वे खुद को इरडा के प्रतिनिधि या अधिकारी बताते हैं. ग्राहकों को लुभावने ऑफर्स की पेशकश की जाती है. ये इंश्योरेंस पॉलिसी के दायरे के बाहर होते हैं. इरडा ने कहा है कि वह बीमा लेनदेन विभाग, आरबीआई या दूसरी एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को गुमराह करते हैं.नोटिस के मुताबिक ऐसे ठगी करने वाले लोग जिन ऑफर्स की पेशकश करते हैं, उसमें बहुत ज्यादा रिटर्न या सुविधा और फायदे की बातचीत की जाती है. इसमें वे अनक्लेम्ड बोनस, एजेंसी के कमीशन, निवेश राशि, ग्रोथ अमाउंट को वापस करने का ऑफर देते हैं. इसके एवज में वह ग्राहकों को पहले कुछ अमाउंट जमा करने को कहते हैं और उनसे कुछ फीस मांगी जाती है. इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने वालों का यह तय तरीका है.

इरडा ने कहा, वह कोई इंश्योरेंस प्रोडक्ट नहीं बेचता
इरडा ने कहा है कि वह किसी भी इंश्योरेंस या फाइनेंशियल प्रोडक्ट की बिक्री नहीं करता है. न ही वह बीमा कंपनियों से हासिल प्रीमियम राशि का निवेश करता है. वह पॉलिसीधारकों या बीमा कंपनियों के लिए बोनस की घोषणा भी नहीं करता है.इरडा ने कहा, ”लोगों को सीधे इंश्योरेंस कंपनियों या रजिस्‍टर्ड इंटरमीडियरी और एजेंटों से ही बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए . इरडा ने  ऐसे कॉल करने वाले की जांच में मदद के लिए कहा है. उसने कहा है कि कोई शक होने पर वह संबंधित इंश्योरेंस कंपनी या रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी से जानकारी लें.

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