गोवा के इस लेखक को मिली पुलिस सुरक्षा, जानिए क्या है सच

नई दिल्ली। गोवा मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को विधानसभा को जानकारी दी कि लेखक दामोदर माउजो को धमकियां मिलने के बाद पुलिस सुरक्षा दी गई है। बेंगलुरू में सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में गिरफ्तार लोगों द्वारा किए गए खुलासे के मद्देनजर माउजो को यह सुरक्षा दी गई है।

इस सप्ताह की शुरुआत में संदिग्धों से की गई पूछताछ में पता चला कि उनकी हिट लिस्ट में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक माउजो का नाम भी है। एक हिंदूवादी संगठन से जुड़े इन संदिग्धों से एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें एक सूची पाई गई, जिसमें पहला नाम प्रख्यात रंगकर्मी, नाटककार व फिल्म अभिनेता गिरीश कर्नाड का नाम है और दूसरा नाम गौरी लंकेश का है।

गौरी लंकेश धर्मनिरपेक्ष देश में हिंदूवाद को बढ़ावा दिए जाने के खिलाफ लिखा करती थीं। पर्रिकर ने कहा, “हमें गृहमंत्रालय से संदेश मिला कि गौरी लंकेश हत्या मामले में संदिग्धों से पूछताछ के दौरान कुछ लेखकों के नाम सामने आए हैं।”

उन्होंने कहा, “उन लेखकों में से एक नाम गोवा के लेखक का भी है। ऐसे में मैंने तुरंत पुलिस से उन्हें (माउजो) सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा। इस पर सरकार ने तुरंत कार्य किया।” पर्रिकर ने कहा, “मैं निजी रूप से माउजो को जानता हूं।” कोंकणी भाषा में लिखने वाले माउजो को उनके उपन्यास ‘कार्मेलिन’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से 1983 में पुरस्कृत किया गया था।

माउजो ने गुरुवार को इस संबंध में आईएएनएस को दिए बयान में कहा कि उन्होंने पुलिस से मिले सुरक्षा के प्रस्ताव को साफ नकार दिया था, लेकिन कई बार के अनुरोध के बाद उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।

माउजो ने कहा कि किसी सोच, विचारधारा को कोई गोली नहीं हरा सकती। गोली ने देश से उसका राष्ट्रपिता तो छीन लिया, लकिन गांधीवाद को नहीं मार सका। आज भी गांधीवाद का पूरी दुनिया कायल है।

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