NRC में जिनके नाम नहीं, वो भी कर सकेंगे मतदान- चुनाव आयोग

नई दिल्ली: असम में नेशनल सिटिजन रजिस्टर (एनआरसी) मसौदे पर ड्राफ्ट जारी होने के बाद देशभर में सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर हमलावर है, और वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा करार दे रहे हैं। इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बुधवार को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिन लोगों के नाम फाइनल ड्राफ्ट में नहीं हैं उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे, सिर्फ उनका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए।

साबित करनी होगी भारत की नागरिकता- EC

इंडियन एक्सप्रेस से हुई बातचीत में चुनाव आयुक्त रावत ने कहा कि एनआरसी की लिस्ट से बाहर होने पर भी एक आम आदमी राज्य की मतदाता सूची में बना रहेगा, लेकिन इसके लिए उसे चुनाव पंजीकरण अधिकारी के सामने जरुरी दस्तावेज के दिखाकर यह साबित करना होगा कि वह भारत का नागरिक है।

जनवरी में एक सूची प्रकाशित करेगा चुनाव आयोग

रावत ने कहा कि मतदान के समय मतदाता को यह भी स्पष्ट करना होगा कि जनवरी 2019 तक वब 18 साल का है और जहां से मतदान करना चाहता है उस विधानसभा का निवासी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए चुनाव आयोग एनआरसी की अंतिम सूची का इंतजार किए बगैर जनवरी में एक सूची प्रकाशित करेगा।

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लगाया था आरोप

सोमवार को जारी हुए एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट में असम के 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम ही शामिल किये गये थे। वहीं करीब 40 लाख लोगों के नाम इस सूची में नहीं थे। इस पर टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह लोगों का मताधिकार छीनकर चुनाव जीतना चाहती है।

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