जिन्हें शरिया अदालतें चाहिए वो इस्लामिक मुल्क चलें जाएं

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लखनऊ: आजकल देश भर में शरिया अदालतों की मांग उठ रही जिसका विरोध भी हो रहा है। इसी कड़ी में बीजेपी के कैबिनेट (वक्फ और हज) मंत्री मोहसिन रजा ने शरिया अदालत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जिसको शरिया अदालतें चाहिए वो इस्लामिक मुल्क जा सकता है, हम उसे बड़े प्रेम से विदा कर देंगे। ये बातें मोहसिन ने उन्नाव में किसान सम्मेलन में के दौरान कही।

मोहसिन रजा

इस दौरान मोहसिन रजा ने कहा कि हमारे देश में एक संविधान हैं और इसी संविधान से देश चलता है। यहां सबके लिए अलग अलग कानून नहीं हो सकते इसलिए शरिया अदालतों की कोई जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा की हमारा दिल बहुत बड़ा है अगर किसी को शरिया अदालत से इश्क रखता है तो वो इस्लामिक मुल्क जा सकता है, हम उसे बड़े प्रेम से विदा कर देंगे

उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कहा था कि वो वकीलों, न्यायाधीशों और आम लोगों को शरिया कानून से परिचित कराने के लिए कार्यक्रमों को और तेज करने पर विचार करेगा। पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी के मुताबिक, मौजूदा समय में शरिया कोर्ट की जरुरत महसूस की जाने लगी है। दारुल-कज़ा कमेटी का मकसद है कि हर जिले में शरिया अदालतें हों, ताकि मुस्लिम लोग अपने शरिया मसलों को अन्य अदालतों में ले जाने के बजाय दारुल-कज़ा में सुलझायें।

उन्होंने कहा कि इस वक्त उत्तर प्रदेश में करीब 40 दारुल-क़ज़ा हैं। कोशिश है कि हर जिले में कम से कम एक ऐसी अदालत जरूर हो। एक अदालत पर हर महीने कम से कम 50 हजार रुपये खर्च होते हैं। अब हर जिले में दारुल-क़ज़ा खोलने के लिये संसाधन जुटाने पर विचार-विमर्श होगा। वहीँ कई मुस्लिम धर्मगुरू देश में शरई अदालत के पक्ष में हैं तो कई इसका विरोध करते देखे जा सकते हैं।

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