बरेली में तीन कैदियों की मौत से मचा हाहाकार, प्रशासन बोला थी ये बीमारी…

नई दिल्ली: दो जेलों में एक ही दिन तीन कैदियों की मौत, शासन के निर्देश पर सोमवार को अफसरों ने जिला-सेंट्रल जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। एक ही दिन में तीन मौतों की मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई जाएगी। जेल अफसरों ने बताया कि तीनों कैदी उम्रदराज थे और उनकी स्वाभाविक मौत हुई है।रविवार को जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बहेड़ी के गांव नदेली निवासी 90 वर्षीय हरिद्वारी और सुभाषनगर क्षेत्र के गांव बेहटा जागीर निवासी 58 वर्षीय रामअवतार की मौत हो गई थी। इसी दिन सेंट्रल जेल में सजा काट रहे पीलीभीत के मोहम्मद गांज निवासी झाला गैंग के बदमाश 80 साल के रामचंद्र की मौत हो गई थी। मामला सामने आया तो शासन स्तर से डीएम-एसएसपी का जवाब-तलब कर लिया गया।
सोमवार सुबह डीएम नितीश कुमार और एसएसपी शैलेश पांडेय ने दोनों जेलों का निरीक्षण किया। अफसरों ने कैदियों से बातचीत करने के साथ ही खानपान व अन्य सहूलियतें देखीं। जिला जेल दूर होने की वजह से निरीक्षण से पहले ही वहां व्यवस्था दुरुस्त कर ली गईं। अफसरों को दोनों ही जगह व्यवस्था ओके मिली। दो कैदियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस को मिल चुकी थी। इसमें भी चौंकाने वाले तथ्य नहीं थे। जेल प्रशासन ने बताया कि तीनों मौतें स्वाभाविक हैं।

पोस्टमार्टम में फेफड़े की बीमारी, हार्ट अटैक वजहें सामने आई हैं। तीनों कैदियों की मौत के मामले में जेल प्रशासन ने डीएम को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। अब डीएम यहां मजिस्ट्रेट स्तरीय जांच कराएंगे। इसके लिए अधिकारी नामित किए जाएंगे। एसएसपी ने बताया कि तीनों कैदियों की मौत एक दिन होने से गफलत रही, ऐसी कोई वजह नहीं थी जो सवाल उठें। मृतकों के परिवारों की भी कोई शिकायत नहीं है।

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