तीन साल के मासूम की हत्या, प्रेमी-प्रेमिका ने मिलकर किया कत्ल ये थी वजह 

उत्तर प्रदेश:जैथरा क्षेत्र के गांव दतौली निवासी गल्ला व्यवसायी की एक तीन साल की मासूम को सोमवार की सुबह की करीब नौ बजे गांव की ही एक युवती खिलाने के बहाने ले गई। अपनी प्रेमी की बेइज्जती का बदला लेने के लिए दोनों ने मिलकर दुपट्टे से गला दबाकर बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस ने शव बरामद कर प्रेमी-प्रेमिका सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे में ही खुलासा कर दिया है।एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि गांव दतौली निवासी हृदेश कुमार गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता की तीन वर्षीय पुत्री किंजल गुप्ता को खिलाने के बहाने से गांव की ही एक युवती अपने साथ सोमवार की सुबह नौ बजे लेकर गई। इसके बाद बच्ची लापता हो गई। किंजल का शव पुलिस ने रात करीब 12 बजे गांव में ही स्थित एक खंडहर से बोरे में लिपटा हुआ बरामद कर लिया था।एसएसपी ने बताया है कि काफी तलाश करने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो हृदेश ने अपहरण का मुकदमा सोमवार दोपहर बाद दर्ज कराया। इसके बाद थानाध्यक्ष सतपाल सिंह भाटी सहित थाना बागवाला, स्वॉट टीम, दोनों एएसपी और तीन सीओ को मासूम बच्ची की तलाश में लगाया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्ची को ले जाने वाली युवती और गांव के ही अमन ठाकुर पुत्र शिव प्रताप के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसका हृदेश को पता था। युवती के परिजनों को लग रहा था कि हृदेश बेटी की बदनामी कर रहा है, इसी बात से वह नाराज थे। एक सप्ताह पहले हृदेश ने अमन को मोहल्ले में आने पर बेइज्जत भी किया था और आगे से न आने की हिदायत दी थी। तभी से प्रेमी प्रेमिका सहित सभी ने हृदेश को सबक सिखाने की ने ठान ली थी।वारदात में युवती के पिता कालीचरन, चाचा करू उर्फ पूरन और बुद्धपाल पुत्रगण द्वारिका प्रसाद भी शामिल हो गए। युवती हिरासत में ली गई तो उसने पहले गुमराह किया लेकिन बाद में प्रेमी के साथ मिलकर पिता और चाचाओं द्वारा बच्ची की हत्या करना कबूल कर लिया,  पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिकाओं सहित पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

करू व बुद्धपाल को हो चुकी है आजीवन सजा
हत्यारोपी युवती के चाचा करू उर्फ पूरन सिंह और बुद्धपाल ने वर्ष 1997 में गांव के ही नवी शेर की हत्या कर दी थी। इस आरोप में दोनों को वर्ष 2002 में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। अपील पर वह जमानत पर हैं। वहीं नवी शेर की हत्या करने के बाद दोनों ने गांव छोड़ दिया था और वर्तमान में दोनों थाना व कस्बा सिढ़पुरा जिला कासगंज में रहते हैं।

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