अपने Vogue इंटरव्यू में थुनबर्ग ने फैशन ब्रांडों के जलवायु प्रभाव पर डाली रौशनी

नॉर्वे : स्वीडिश जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थुनबर्ग ने Vogue मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में में फैशन इंडस्ट्री की जलवायु परिवर्तन में “विशाल” योगदान पर निंदा की है। इस कड़ी में थुनबर्ग ने वोग स्कैंडिनेविया को बताया कि फैशन ब्रांडों को अपने उत्पादों के पर्यावरणीय प्रभाव की जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।

इस बार Vogue स्कैंडिनेविया ने कवर पर छापा थुनबर्ग का फोटो

इसके साथ साथ उन्होंने  कुछ कंपनियों पर अपने कपड़ों को टिकाऊ दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए “ग्रीनवॉश” विज्ञापन अभियानों का भी आरोप लगाया। इस कड़ी में संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि फैशन उद्योग को “व्यापक रूप से दुनिया में दूसरा सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाला उद्योग माना जाता है”।

यह विश्व स्तर पर 20% से अधिक अपशिष्ट जल के लिए जिम्मेदार है, संयुक्त राष्ट्र का कहना है। फैशन उद्योग द्वारा हर साल लगभग 93 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी – पांच मिलियन लोगों के जीवित रहने के लिए पर्याप्त – का उपयोग किया जाता है। जहां तक कार्बन उत्सर्जन का सवाल है, यह उद्योग दुनिया भर में कुल 8% के लिए जिम्मेदार है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और शिपिंग संयुक्त से अधिक है।

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