आगरा में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, 16 लोगों की मौत, ताजमहल की दो मीनारें भी ढहीं

आगरा। बुधवार रात देर शाम आई बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश में लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। इसका सबसे ज्यादा असर आगरा में देखने को मिला है। इसमें करीब 16 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। और तो और ताजमहल के प्रवेशद्वार के दो गुलदस्ता पिलर धाराशाई हो गए। भीमनगरी का मंच और शाहगंज में मस्जिद की मीनार भी गिर गई। इसके अलावा गेहूं की 80 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई।

ताजनगरी में शाम 7.30 बजे एकाएक बिजली गड़गड़ाने के बाद बादल घिरने लगे। तूफान का वेग उठा और चंद पलों में रौद्र रूप धारण कर लिया। लोग संभल पाते, तब तक ओलावृष्टि और भारी बारिश होने लगी। चंद मिनट में ही बवंडर पूरे ब्रज में फैल गया। तबाही का मंजर इतना विकराल हुआ कि हजारों पेड़, सैकड़ों होर्डिंग, बैनर, टीनेशड तहस-नहस हो गए। पानी की टंकियां छतों से उड़ गईं। तमाम घरों की दीवारें गिर गईं। रिपोर्ट के मुताबिक भयंकर आंधी-तूफ़ान में करीब 35 मिलीमीटर बारिश हुई और 40 मिनट तक ओले गिरते रहे।

ओलावृष्टि के बाद गुरुवार को मंडल के करीब 200 किसानों ने जाम लगा दिया। किसानों को कहना है कि इस ओलावृष्टि ने उनकी फसलों को तबाह कर दिया है। उनकी मेहनत पर मौसम पानी फेर चुका है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार को अब उनकी रोजी-रोटी का इतंजाम करना चाहिए। राजस्व विभाग के निर्देश पर आंधी-तूफान से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आंधी-तूफान से पीड़ित लोगों को सरकार ने तत्काल मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

 

 

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