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जब बाघ ही निकला बाघ का कातिल

save-tigers-campaign_240x180_51437853699लखनऊ। क्‍या एक बाघ दूसरे बाघ को खा सकता है। दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंचुरी में जब बाघ की लाश मिली तो बड़ी सहजता से वनकर्मियों ने यह कह दिया कि वर्चस्‍व को लेकर दो बाघों में लड़ाई हुई। फिर एक ने दूसरे को मार डाला और उसे नोच डाला। यहां दो दिन में दो बाघों के शव मिले हैं।

शावक को बाघ ने मार डाला

जब बाघ मरने की पहली घटना हुई तो वन विभाग बाघ की मौत को नेचुरल बता रहा है। फिर बाघ शावक की मौत हो गई। उसकी लाश मिली तो वन विभाग के अफसरों ने कहा कि शावक को एक बाघ ने ही मार डाला। वही उसका कातिल है और मारने के बाद उसने नोच डाला।

दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह कहते हैं, ‘जंगलो में ऐसी घटनाएं होती हैं. बिल्ली प्रजाति के बाघों में ये कोई नई बात नहीं. मेल डामिनेन्सी को चुनौती मिलती देख तगड़ा बाघ कमजोर को अपना शिकार बना डालता है’

दो दिनों में दो बाघ के शव मिले

दरअसल, किशनपुर के पास दो दिनों में दो बाघों के शव मिले हैं। दोनों शव अलग अलग जगहों पर मिले। एक शव  तो जंगल के कोर एरिया में और दूसरा जंगल के बाहर भीरा रेंज में।  भीरा रेंज के पिपरिया भूड़ गांव के पास शारदा नदी के कछार में गन्ने के खेत से बाघ का शव मिला है।  रविवार को जब लोग खेत में गन्ना छीलने गए तो उन्हें बदबू आई. जब लोगों ने देखा तो खेत में एक सड़ा हुआ बाघ का शव पड़ा था। बाघ का शव देखने के बाद लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दीं।

बाघ बूढ़ा था

दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने मौके का मुआयना करने के बाद कहा कि बाघ के सभी दांत और पंजे सुरक्षित है. कैनाइन, इंसीजर मोलर और प्री मोलर सब घिसे हुए है। बाघ बूढ़ा था। सोमवार सुबह किशनपुर में गश्ती दल ने एक बाघ शावक का शव किशनपुर सेंचुरी में झाड़ी ताल के पास देखा। शव देखकर पता चल रहा था कि उसका शव पीछे से किसी जानवर ने नोच कर खाया था। शव के आसपास बाघ के पदचिन्‍ह भी मिलें हैं।

वर्चस्‍व को लेकर हुई लड़ाई 

वनविभाग के अधिकारियों के मुताबिक आशंका है कि बाघ ने वर्चस्व की चुनौती मानते हुए बाघ शावक को मार डाला होगा। इसकी जांच चल रही है। शव परीक्षण के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा। परीक्षण रिपोर्ट के बाद और साफ हो सकेगा।

 

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