TMC कार्यकर्ताओं ने मनाया ‘खेला होबे दिवस’, मैदान में खेला फुटबॉल

अगरतला में टीएमसी (TMC) कार्यकर्ताओं ने फुटबॉल खेलकर और नारेबाजी करके 'खेला होबे दिवस' मनाया है

त्रिपुरा: अगरतला में टीएमसी (TMC) कार्यकर्ताओं ने फुटबॉल खेलकर और नारेबाजी करके ‘खेला होबे दिवस’ (Khela Hobe Divas) मनाया है। बंगाल विधनासभा चुनाव से पहले पूरे बंगाल सहित देश भी में ‘खेला होबे’ का नारा काफी ज्यादा फेमस हुआ था। जिसके बाद पश्चिम बंगाल में TMC की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बंगाल में 16 अगस्त के दिन ‘खेला होबे दिवस’ मनाने का ऐलान किया है।

1970 के दशक में एक युवा महिला

TMC नेता मदन ने बताया कि खेला होबे दिवस 16 अगस्त को न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि यूपी, बिहार, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में भी मनाया जाएगा। कुछ राज्यों में इसे TMC के बैनर तले मनाया जाएगा, दूसरों में टीएमसी के झंडे के बिना मनाया जाएगा। ममता बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में एक युवा महिला के रूप में की थी।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत

1984 के आम चुनाव में ममता, बनर्जी पश्चिम बंगाल में जादवपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र जीतने के लिए, अनुभवी कम्युनिस्ट राजनेता सोमनाथ चटर्जी को हराकर, भारत के अब तक के सबसे कम उम्र के सांसदों में से एक बन गए। वह 1984 में भारतीय युवा कांग्रेस की महासचिव भी बनीं। वह 1989 के आम चुनावों में कांग्रेस विरोधी लहर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की मालिनी भट्टाचार्य से हार गईं। कलकत्ता दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में बसने के बाद  वह 1991 के आम चुनावों में फिर से चुनी गईं। उन्होंने 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 के आम चुनावों में कोलकाता दक्षिण सीट को बरकरार रखा। ममता बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में एक युवा महिला के रूप में की थी।

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