दिव्यांग बेटे को घर पहुंचाने के लिए बेबस पिता ने चुराई साइकिल, चिट्ठी लिख मालिक से मांगी माफी

कोरोना और लॉकडाउन ने लोगों को ऐसे-ऐसे दिन दिखाए हैं जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. इस लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की हालत बेहद दयनीय हो गई है.

ना उनके पास करने के लिए काम है और न खाने-रहने का कोई इंतजाम. हालात के मारे ये मजदूर वापस अपने गांव-घर की ओर लौैट चले हैं.



राजस्थान के एक प्रवासी मजदूर पर इस लॉकडाउन की दोहरी मार पड़ी है. साधन ना मिलने की वजह से मजदूर ने पैदल अपने घर यूपी के बरेली पहुंचने का इरादा बनाया लेकिन अपने दिव्यांग बेटे को देख उसकी हिम्मत टूट गई. मजबूरन उसने घर पहुंचने के लिए एक शख्स की साइकिल चुरा ली ताकि वो अपने बेटे को आराम से ले जा सके. लेकिन साइकिल चुराते वक्त वो साइकिल के मालिक के लिए एक चिट्ठी छोड़ गया और अपनी बेबसी के बारे में उसे बताया. चिट्ठी में मजदूर ने साइकिल मालिक से अपनी बेबसी के लिए माफी मांगी.

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