मास्टर जी को महंगा पड़ा एक नंबर काटना, बचने के लिए करना होगा ये काम

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नई दिल्ली। बिहार स्कूल परीक्षा परिषद (BSEB) पर पटना हाई कोर्ट ने 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। यह जुर्माना 2017 में 10वीं की परीक्षा में शामिल हुई एक छात्रा के 2 नंबर काटने के मामले में लगाया गया। छात्रा के हिंदी की कॉपी जांचने में 2 नंबर के एक उत्तर के मार्क्स फाइनल रिजल्ट में नहीं जोड़े गए थे, जिसके चलते कॉपी रिचैक हुई तो वही लड़की राज्य की सैकेंड टॉपर निकली। रिजल्ट के रिविजन के बाद बेगूसराय की रहने वाली भव्या कुमारी को उस उत्तर के बदले एक अंक दिया गया है। भव्या के अब 500 में 465 नंबर हो गए हैं, जो साल 2017 में टॉप करने वाले छात्र के बराबर ही हैं।

जुलाई 2017 में रिजल्ट जारी होने के बाद भव्या ने अपनी कॉपी दोबारा जांच के लिए निकलवाई थी। भव्या ने आरटीआई के तहत हिंदी, सोशल साइंस और संस्कृत की कॉपी मांगी थी। भव्या के वकील ने बताया, ‘भव्या को मार्च 2018 में तीनों कॉपियों के डुप्लीकेट उपलब्ध कराए गए थे जिसके बाद उसने हाई कोर्ट का रुख किया।’

कोर्ट को बताया गया कि हिंदी की कॉपी में तीन उत्तर और संस्कृत और सोशल साइंस की कॉपी में एक-एक उत्तर का मूल्यांकन ही नहीं किया गया था। हालांकि वकील के मुताबिक, बोर्ड ने सिर्फ एक ही उत्तर के मार्क्स जोड़ने की सहमति दी।

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