देश के महान गणितज्ञ रामानुजन का आज है जन्मदिन, देश-विदेश में किया गया याद

आज ही के दिन एक महान गणितज्ञ रामानुजन का जन्म हुआ था। भारत में हर साल उनके जन्म दिवस को सभी भारत वासी राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है।

नई दिल्ली : भारतवासियों के लिए आज का दिन यानी की 22 दिसम्बर बेहद गौरवशाली माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आज ही के दिन एक महान गणितज्ञ रामानुजन का जन्म हुआ था। भारत में हर साल उनके जन्म दिवस को सभी भारत वासी राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। यही नहीं, आपको बता दें कि न सिर्फ भारत में बल्कि विश्वभर में आज का दिन गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। रामानुजन ने ना सिर्फ गणित को एक अलग पहचान दिलाई है बल्कि कई ऐसे थियोरम और फॉर्मूले दिए हैं जो आज भी बहुत काम के माने जाते हैं। तो आइये इस महान गणितज्ञ और इस दिन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

जाने किसने दी गणित दिवस को मानाने की इजाज़त

भारत सरकार ने रामानुजन की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए उनके जन्मदिन को गणित दिवस के रूप में घोषित कर दिया था। 26 फरवरी, 2012 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस दिन को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मानाने की घोषणा की थी। हर साल 22 दिसंबर को देश विदेश के गणितज्ञ ख़ास तौर पर उन्हें याद करते हैं। बता दें कि इस कड़ी में कुछ नाम और हैं जिन्होंने गणित के क्षेत्र में बेहद एहम भूमिका निभाई है। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और महावीर जैसे गणितिज्ञों का इस क्षेत्र में एहम योगदान मन जाता है।

गणित के क्षेत्र में बचपन से ही थी दिलचस्पी

श्रीनिवास रामानुजन ने बहुत कम समय में फ्रैक्शन, इनफाइनाइट सीरिज, नंबर थ्योरी, मैथमेटिकल एनालिसिस के बारे में लोगों को अवगत करवा दिया था। उन्होंने अपने जीवनकाल में गणित के विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके बारे में ऐसा बताया जाता है कि उन्हें बचपन से ही गणित से लगाव था। इसी कारण वह अक्सर अन्य विषयों में ज़्यादा अंक नहीं पाते थे। जब वह 12 साल के थे तब उन्होंने त्रिकोणमिति में महारत हासिल कर ली थी। यहीं नहीं काम उम्र में ही उन्होंने बिना किसी सहायता के अपने दम पर कई थ्योरम बना डाले थे।

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श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर,1887 को कोयंबटूर के ईरोड गांव में हुआ था। उनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीनिवास अयंगर था और उनका पूरा नाम श्रीनिवास अयंगर रामानुजन था। उनके महान कार्यों के कारण आज उन्हें देश-दुनिया के महान गणित विचारकों में गिना जाता है। बता दें कि उन्हें बचपन से ही मैथ्स में काफी दिलचस्पी थी और इसीलिए उनका ज़्यादातर समय इसी में जाता था। भारत सरकार ने उनके जीवन की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए 22 दिसंबर यानी उनकी जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया था।

रामानुजन के जीवन पर एक नज़र

रामानुजन का 32 साल की उम्र में निधन हो गया था। साल 2015 में उनकी जीवन पर आधारित फिल्म ‘The Man Who Knew Infinity’ रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके जीवन से जुड़े कई किस्से दखाए गए हैं। फिल्म के माध्यम से उनके जीवन में आए उतार-चढ़ाव को भी विस्तार से समझाया गया है। साल 1976 में ट्रिनीटी कॉलेज की लाइब्रेरी से उनका एक पुराना रजिस्टर मिला था जिसमें थियोरम और कई फॉर्मूले लिखे हुए थे। इन थियोरम को अब तक कोई सॉल्व नहीं कर सका है। आपको बता दें कि इस रजिस्टर को ‘रामानुजन नोट बुक’ के नाम से भी जाना जाताहै।

 

 

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