आज का पंचांग: जानिए शनिवार का शुभाशुभ मुहूर्त और राहुकाल!

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हिन्दू पंचांग के अनुसार आज का दिन कैसा रहेगा। कौन सा शुभ योगा बन रहा है और क्या है राहुकाल। तिथि विशेष और शुभाशुभ मुहूर्त क्या है, जानिए आज के पंचांग में…

*पञ्चाङ्ग शनिवार, १८ अगस्त २०१८*

सूर्योदय: ०५:५५
सूर्यास्त: ०६:५६
चन्द्रोदय: १२:३९
चन्द्रास्त: २३:४९
ऋतु: वर्षा                                                                                                                    अयन दक्षिणायन (उत्तरगोले)
शक सम्वत: १९४० (विलम्बी)
विक्रम सम्वत: २०७५ (विरोधकृत)
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल
तिथि: अष्टमी (२५:४८ तक)
नक्षत्र: विशाखा (१७:२१ तक)
योग: ब्रह्म (१४:५५ तक)
प्रथम करण: विष्टि
द्वितीय करण: बव

*गोचर ग्रह*

सूर्य सिंह
चंद्र वृश्चिक (१०:५९ से)
मंगल मकर
बुध कर्क
गुरु तुला
शुक्र कन्या
शनि धनु
राहु कर्क
केतु मकर

*चौघड़िया विचार*

दिन का चौघड़िया
१ – काल २ – शुभ
३ – रोग ४ – उद्वेग
५ – चर ६ – लाभ
७ – अमृत ८ – काल
रात्रि का चौघड़िया
१ – लाभ २ – उद्वेग
३ – शुभ ४ – अमृत
५ – चर ६ – रोग
७ – काल ८ – लाभ
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*

अभिजित मुहूर्त: ११:५४ – १२:४६
अमृत काल: ०८:०८ – ०९:४८
होमाहुति: शुक्र
अग्निवास: पृथ्वी (२५:४८ तक)
भद्रावास: पाताल (स्वर्ग ११:०० से १३:१८)
दिशा शूल: पूर्व
नक्षत्र शूल:
चन्द्र वास: पश्चिम (उत्तर ११:०० से)
दुर्मुहूर्त: ०५:४९ – ०६:४१
राहुकाल: ०९:०५ – १०:४२
राहु काल वास: पूर्व में
यमगण्ड: १३:५८ – १५:३५

*उदय-लग्न मुहूर्त*

०५:४९ – ०८:०३ सिंह
०८:०३ – १०:२१ कन्या
१०:२१ – १२:४२ तुला
१२:४२ – १५:०१ वृश्चिक
१५:०१ – १७:०५ धनु
१७:०५ – १८:४६ मकर
१८:४६ – २०:१२ कुम्भ
२०:१२ – २१:३५ मीन
२१:३५ – २३:०९ मेष
२३:०९ – २५:०४ वृषभ
२५:०४ – २७:१८ मिथुन
२७:१८ – २९:४० कर्क
२९:४० – २९:५० सिंह

*शुभ यात्रा दिशा*

उत्तर-पश्चिम (तिल मिश्रित चावल का सेवन कर यात्रा करना शुभ रहेगा)

*तिथि विशेष*

भद्रा १३:२४ तक, दूर्वाष्टमी व्रत, श्री दुर्गाष्टमी (सिंधु देश) आदि।

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

आज १७:२१ तक जन्मे शिशुओं का नाम विशाखा तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ते, तो) तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम अनुराधा प्रथम, द्वितीय चरण अनुसार (ना, नी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।

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