Tokyo Olympics 2020: बॉक्सर Satish Kumar ने हार कर भी दिल जीत लिया जख्मी शेर की तरह

टोक्यो ओलंपिक में भारत के सुपर हेवीवेट बॉक्सर सतीश कुमार को क्वार्टर फाइनल में जख्मी शेर की तरह हार कर भी सभी का दिल जीत लिया

टोक्यो: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) 2020  में भारत के सुपर हेवीवेट बॉक्सर (Boxer) सतीश कुमार (Satish Kumar) को क्वार्टर फाइनल में हार मिली है। इसी के साथ पुरुष बॉक्सिंग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है। महिला वर्ग में कांस्य सुरक्षित करने के बाद भारत बड़े पदक उम्मीद कर रहा है।

कोकुगिकान एरेना में रविवार को विश्व चैम्पियन और एशियाई चैम्पियन उज्बेकिस्तान के बाखोदीर जालोलोव ने ब्ल्यू कार्नर से खेल रहे सतीश को एकतरफा अंदाज में 5-0 के अंतर से हराकर टोक्यो से विदा किया। सतीश वैसे इस कटेगर में ओलंपिक खेलने वाले भारत के पहले बॉक्सर बन चुके हैं। मुकाबला जब शुरू हुआ तो सतीश के माथे का घाव घुल गया। वह खून से लहुलुहान हो गए लेकिन फिर भी उन्होंने जख्मी शेर की तरह बहादुरी से डंट कर मुकाबला पूरा किया और हिम्मत नहीं हारी।

 

क्वार्टर फाइनल का टिकट

बॉक्सर सतीश ने प्लस 91 किलोग्राम भार वर्ग के अंतिम-16 दौर के मुकाबले में गुरुवार को जमैका के रिकाडरे ब्राउन को प्रभावशाली तरीके से 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया था। उस मुकाबले के दौरान उनकी एक पुरानी चोट के टांके खुल गए थे। सतीश को हालांकि सोमवार को फाइट करने की हरी झंडी मिल गई थी। उस प्रदर्शन को देखते हुए सतीश से टक्कर की उम्मीद की जा रही लेकिन वह जालोलोव के आगे चारो खाने चित्त्त हो गए।

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तीनों राउंड में जालोलोव अपने 32 वर्षीय भारतीय प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह हावी रहे और हर राउंड में 5-0 के स्कोर के साथ जीत हासिल की। जालोलोव ने तीसरी बार सतीश को हराया है।

सतीश कुमार ने 2014 के एशियाई खेलों में इंचियोन में सुपर हैवीवेट श्रेणी में कांस्य पदक जीता है और सुपर हैवीवेट वर्ग में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बॉक्सर हैं।  उन्हें 2018 में भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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