Tokyo Olympics: भारतीय खिलाड़ियों की सूची में बदलाव, Athletes की संख्या घटी

टोक्यो ओलंपिक में आयोजकों ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए सभी देशों से उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या में कमी कर दी है

मुंबई: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) की शुरूआत आज यानी की 23 से हो चुकी है। ओलंपिक का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब पूरी दुनिया में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है। आयोजकों ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए सभी देशों से उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या में कमी कर दी है। भारतीय खिलाड़ियों की सूची में भी बदलाव किए गए हैं। अब एथलीटों की कुल संख्या 19 होगी।

भारत का ओलंपिक में इतिहास

दुनियाभर के एथलीटों ने इस दिन के लिए 5 साल का इंतजार और मेहनत की है और उनकी निगाहें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने-अपने देश के लिए पदक लाने पर होगी। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में रिकॉर्ड संख्या में एथलीटों को भेजा है जिसके कारण इस बार एथलीटों से काफी उम्मीदें भी हैं। भारत का ओलंपिक में इतिहास कुछ खास नहीं रहा है और उसने पिछले 100 वर्षो से अधिक समय में 9 स्वर्ण, 7 रजत और 12 कांस्य पदक सहित 28 पदक ही जीते हैं।

ट्रेनिंग पर काफी खर्च

भारत ने हॉकी में 8 स्वर्ण, एक रजत और 2 कांस्य पदक जीता है। हॉकी के अलावा 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने भारत को 10 मीटर एयर राइफल में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया था। इस बार टोक्यो ओलंपिक में भारतीय ओलंपिक संघ और केंद्रिय खेल मंत्रालय को भारत से दोहरे अंक में पदक लाने की उम्मीद है। सरकार ने टारगेट पोडियम स्कीम से एथलीटों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण, विदेशी विशेषज्ञ और ट्रेनिंग पर काफी खर्च किया है। ओलंपिक में भारत के तीरंदाज, निशानेबाज, पहलवान और मुक्केबाजों ने पिछले दो वर्षो में अच्छे नतीजे दिए हैं।

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