Toolkit Case: निकिता जैकब को कोर्ट से मिली राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट ने निकिता जैकब की ट्रांजिट अग्रिम जमानत अर्जी के संबंध में 3 सप्ताह के लिए उसकी ट्रांजिट जमानत देने की अनुमति दी

नई दिल्ली: किसान आंदोलन को लेकर 26 जनवरी के दिन लाल किले पर हुई हिंसा में टूलकिल (Toolkit) मामला लोगों के बीच हॉट टॉपिक रहा। दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान टूलकिट के ऑनलाइन मौजूद स्क्रीन शॉट्स की पड़ताल की और जांच में प्राप्त जानकारी मिलते ही इस टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट (Toolkit Google Document) की संपादक निकिता जैकब के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया गया था। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत देने की अनुमति दे दी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट का बयान

टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने निकिता जैकब की ट्रांजिट अग्रिम जमानत अर्जी के संबंध में 3 सप्ताह के लिए उसकी ट्रांजिट जमानत देने की अनुमति दी

गिरफ्तारी के मामले में, उसे 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाएगा।

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क्या था टूलकिट मामला?

दरअसल 4 फरवरी के दिन सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन के समर्थन में क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) ने एक ट्वीट किया था और टूलकिट के नाम एक डॉक्यूमेंट शेयर किया था। इसी ट्वीट को देखकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। विवाद होने के बाद ग्रेटा थनबर्ग ने यह ट्वीट डिलीट (Delete) कर दिया और दूसरा ट्वीट कर दूसरा टूलकिट डॉक्यूमेंट (Second Toolkit Document) शेयर कर दिया। इसी टूलकिट में किसान आंदोलन के बारे में पूरी संक्षिप्त जानकारी थी। नीचे अपलोड यह तस्वीर उनके ट्वीट का स्क्रीनशार्ट है-

टूलकिट (Toolkit) क्या है?

टूलकिट एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें किसी मुद्दे की जानकारी देने के लिए और उस मुद्दे से जुड़ी कदम उठाने के लिए संक्षिप्त जानकारी होती है। टूलकिट के जरिए किसी भी आंदोलन में भाग लेने के लिए उससे जुड़े लोगो को दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

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