बीजेपी ने रचा इतिहास: चारों सबसे बड़े संवैधानिक पदों पर हुआ एकछत्र राज्य

नई दिल्ली। देश के नए राष्‍ट्रपति और उपराष्‍ट्रपति का चुनाव हो चुका है। दोनों पदों पर बीजेपी नेताओं का कब्‍जा है। रामनाथ कोविंद ने मीरा कुमार को हराया तो वहीं नायडू ने गोपाल कृष्‍ण गांधी को मात दी। सबसे मजे और खुशी की बात हैं कि देश के चार सबसे बड़े संवैधानिक पदों पर बीजेपी का ही कब्‍जा है। ऐसा पहली बार होगा ज‍ब एक पार्टी के नेता बड़े पद पर आसीन हैं।

venkaiah naidu

सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बीजेपी का कब्‍जा होना सम्‍मान की बात

उपराष्‍ट्रपति पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ। वेंकैया नायडू ने यूपीए कैंडीडेट और महात्‍मा गांधी के पोते गोपाल कृष्‍ण गांधी को 516 के मुकाबले 244 मतों से हराया। नायडू का उपराष्ट्रपति बनना पहले से ही तय नजर आ रहा था। इसके साथ ही पहली बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा स्‍पीकर जैसे देश के चार शीर्षस्थ पदों पर भाजपा नेता आसीन हैं। इससे पहले वाजपेयी सरकार के समय उपराष्ट्रपति भाजपा के भैरोंसिंह शेखावत थे, लेकिन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम गैरराजनीतिक व्यक्ति थे।

किसान परिवार से है संबंध

आंध्र प्रदेश के नेल्लूर जिले के एक सीधे-सादे कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नायडू को उनकी वाक् क्षमता के लिए जाना जाता है। आंध्र प्रदेश विधानसभा में दो बार सदस्य रह चुके नायडू कभी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे। हालांकि वह तीन बार कर्नाटक से राज्यसभा में पहुंच चुके हैं और फिलहाल उच्च सदन में ही राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

शकुंतला भारती

वाजपेयी सरकार में थे ग्रामीण मंत्री

अटल बिहारी वाजपेयी के समय राजग की पहली सरकार में 68 वर्षीय नायडू ग्रामीण विकास मंत्री रहे। वह जुलाई 2002 से अक्तूबर 2004 तक लगातार दो कार्यकाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 2004 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। आपातकाल के समय नायडू एबीवीपी के कार्यकर्ता रहे और जेल में भी रहे।

Related Articles

Leave a Reply