ट्रेन की रफ्तार ने बांटा शहर और धीमी कर दी चाल

Jam_p_290513कानपुर। मौजूदा समय में कानपुर जाम की समस्या से जूझ रहा है। चार पहिया लेकर शहर में घूमना हिमालय की चोटी में चढ़ने जैसा हो गया है। इसमें शहर को चीर कर निकली फर्रुखाबाद रेलवे लाइन की क्रासिंग भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। जो पूरे शहर की रफ़्तार को रोक देती हैं। आधा दर्जन से अधिक इन क्रासिंग में लोगों को रुकना पड़ता है। फिर इसके बाद लगने वाला जाम लोगों को परेशान कर देता है।

24 घण्टे में तकरीबन तीन दर्जन ट्रेन इस रूट से गुजरती हैं। जिनके लिए क्रासिंग बन्द की जाती है। जिससे 7 से 10 मिनट तक एक क्रासिंग बन्द होती है। यदि आउटर पर कोई ट्रेन खड़ी हो गई तो फिर भगवान ही मालिक।

क्रासिंग के पास-पास होने से ट्रेन की लम्बाई के चलते दो-दो क्रासिंग ठप पड़ जाती हैं। वहीं चैन पुलिंग की घटनाएं होने पर यह समय और बढ़ता जाता है। सवारी ट्रेनों के अलावा मालगाड़ी हुई तो और दिक्कत। जिनसे शहर की तीन क्रासिंग तक ठप हो जाती हैं। तब शहरी वाहनों का दबाव इस कदर बढ़ जाता है कि क्रासिंग खुलने पर भी लगे जाम से निकलने में समय बर्बाद होता है।

ये हैं क्रासिंग

जरीब चौकी, गुमटी न.5, कोकाकोला, रावतपुर, 9 न., गुरुदेव, बगिया व कल्याणपुर

होती है ओवर ब्रिज की मांग

रोज-रोज के जाम से जूझ रहे शहरियों द्वारा आये दिन इन क्रासिंगों में ओवर ब्रिज बनाये जाने की मांग होती रहती है। खासकर जरीब चौकी व कल्याणपुर क्रासिंग में लोगों को घण्टों जाम से जूझना पड़ता है।

रूट बरेली से जुड़ा तो और होगी समस्या

यह ट्रैक बरेली से जुड़ तो गया है लेकिन अभी ट्रेनों का आवागमन शुरू नहीं हुआ है। यदि शुरू हुआ तो 100 ट्रेनें और बढ़ जाएंगी। ऐसी दशा में ये क्रासिंग जल्दी खुल ही नहीं पाएंगी। जिससे दो भागों में बटा शहर पूरी तरह से अलग दिखेगा। इस सम्बन्ध में पूर्वोत्तर रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी राजेन्द्र सिंह का कहना है कि क्रासिंगों के जाम से ओवरब्रिज ही निजात दिल सकते हैं। इसके लिए रेलवे पूरा सहयोग करेगा।

गायब हो रही बाजारों की रौनक

इन क्रासिंग के चलते पास की बाजारों की चमक कम होती जा रही है। जाम के कारण लोग इन बाजारों में जाने से भी कतराने लगे हैं। इनमें गुमटी न.5, पी रोड, सीसामऊ, जरीब चौकी व 80 फिट रोड व उनके आसपास की बाजारों का यही हाल है।

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