बनारस में यातायात व्‍यवस्‍था पटरी से उतरी, वसूला चार करोड़ से अधिक का बस जुर्माना

वाराणसी: चार करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूल कर अपनी पीठ थपथपाने वाली वाली ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के मामले में फेल हो चुकी है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस के इंतजाम धड़ाम हो चुके हैं। गुरुवार को कचहरी से वरुणा पुल, नदेसर, अंधरापुल, चौकाघाट, कैंट से लेकर मलदहिया तक चौतरफा भीषण जाम लगा था।

 

व्यवस्था संभालने में नाकाम ट्रैफिक पुलिस के भी समझ नहीं आ रहा था जाम कैसे दूर किया जाए। कैंट, चेतगंज और सिगरा थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी भी जाम छुड़ाने में हांफ गए। हालत यह कि एक घंटे में लोगों ने एक किमी का सफर तय किया। दरअसल, नगर निगम की टीम ने नदेसर इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी।

अतिक्रमण हटने के दौरान नदेसर-घौसाबाद होते हुए चौकाघाट जाने वाले मार्ग पर सड़क पर सैकड़ों लोग जुट गए। सड़क पर मौजूद भीड़ के चलते एक वाहनों की रफ्तार पर लगाम लग गया। देखते ही देखते नदेसर से लेकर कचहरी तक वाहनों की कतार लग गई। ट्रैफिक और कैंट पुलिस जब तक जागती, पूरा इलाका जाम से पैक हो गया।

तालमेल का अभाव कहा जाए या फिर बदले हालात में काम कैसे किया जाए, ट्रैफिक पुलिस को जानकारी नहीं। जाम के बाद भी नदेसर स्थित मस्जिद के सामने लगे बेरिकेट्स को नहीं हटाया जिससे जाम का दायरा बढ़ता गया। चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल बेकार करोड़ों की लागत से सिटी कंट्रोल रुम तैयार हो गया।

शहर के अधिकतर ट्रैफिक सिग्नल बेकार पड़े हैं, सीसी कैमरों का हाल बेहाल हो चुका है। कचहरी, वरुणापुल, अंधरापुल पर लगे ट्रैफिक सिग्नल में सिर्फ यलो लाइट जलती-बुझती रहती है। मलदहिया हो या सिगरा यहां पर रेड लाइट के बाद सीधे ग्रीन लाइट जल जाती है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अपने हाथों के इशारे से ही यातायात का संचालन करना पड़ रहा है।

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