कोरोना वैक्सीन’ की ट्रायल प्रक्रिया शुरू, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग ने लिया जायजा

मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन और बिस्तरों सहित किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने लगातार प्रयास कर राज्य में कोविड से निपटने संबंधी सुविधाओं का विस्तार किया है। इसी क्रम में अब कोरोना वैक्सीन की ट्रायल भी प्रारंभ की गई है।

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल प्रारंभ होने के दूसरे दिन आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने संबंधित निजी मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचकर ट्रायल प्रक्रिया का जायजा लिया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सारंग पीपुल्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद चिकित्सकों से चर्चा कर ट्रायल प्रक्रिया की जानकारी ली।

मध्यप्रदेश राज्य रिकवरी रेट में 16वें स्थान पर हैं: सारंग 

सारंग ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार कोविड की रोकथाम के लिये भरसक प्रयास कर रही है, जिससे मध्यप्रदेश राज्य रिकवरी रेट में 16वें स्थान पर हैं। मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन और बिस्तरों सहित किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने लगातार प्रयास कर राज्य में कोविड से निपटने संबंधी सुविधाओं का विस्तार किया है। इसी क्रम में अब कोरोना वैक्सीन की ट्रायल भी प्रारंभ की गई है।

मंत्री सारंग ने अस्पताल में ट्रायल प्रक्रिया को देखा और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने स्वप्रेरणा से वैक्सीन लगवाने आ रहे लोगों से चर्चा की और उनकी जागरूकता की सराहना की। अभी तक पीपुल्स अस्पताल में 35 लोगों ने वैक्सीन ट्रायल के लिये रजिस्ट्रेशन करवाया है। सारंग ने बताया कि जल्द ही भोपाल के गाँधी मेडिकल कॉलेज में भी वैक्सीन का ट्रायल प्रारंभ होगा। सारंग ने अस्पताल में सेम्पल रिसीविंग रूम, काउन्सलिंग रूम, वैक्सीन रूम आदि का निरीक्षण किया। इस मौके पर डॉ. उल्का श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कपूर, रोहित पण्डित, डीन डॉ. अनिल दीक्षित, डॉ. आलोक कुलश्रेष्ठ और डॉ. राघवेन्द्र गुमास्था मौजूद रहे।

भारत का पहला स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ नाम से विकसित किया गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की गाइडलाइन के अनुसार भारत बॉयोटेक द्वारा निर्मित यह वैक्सीन कोविड की रोकथाम के लिये उपयोगी रहेगी।

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