राजस्थान विधानसभा में शुरु हुए विशेष सत्र में प्रणव मुखर्जी को दी गयी श्रद्धांजलि

राजस्थान विधानसभा में आज से शुरु हुए विशेष सत्र के प्रथम दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री, लोकसभा तथा राज्य विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर श्रद्धांजलि दी गयी।

जयपुर : राजस्थान विधानसभा में आज से शुरु हुए विशेष सत्र के प्रथम दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री, लोकसभा तथा राज्य विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर श्रद्धांजलि दी गयी। इनके साथ ही सितम्बर में कोटा जिले के खातौली क्षेत्र स्थित गोठडा गांव के पास चंबल नदी में नाव हादसे के मृतकों के प्रति भी संवेदना व्यक्त करते श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और उनके परिजनों को बिछोह सहन करने के लिए शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी.जोशी ने शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का जन्म 11 दिसम्बर, 1935 को पश्चिमी बंगाल के बीरभूमि जिले के मिराती ग्राम में हुआ। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से इतिहास एवं राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर तथा विधि में स्नातक उपाधि प्राप्त की। मुखर्जी पांच बार राज्यसभा तथा दो बार लोकसभा के सांसद रहे। मुखर्जी जून 2004 से जून 2012 तक लोकसभा में भी सदन के नेता रहे। राजनीतिक विषयों में प्रवीण मुखर्जी 25 जुलाई, 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति बने। वह इस पद पर 25 जुलाई, 2017 तक आसीन रहे।

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नागालैण्ड एवं मणिपुर के पूर्व राज्यपाल डॉ. अश्विनी कुमार

डॉ. जोशी ने नागालैण्ड एवं मणिपुर के पूर्व राज्यपाल डॉ. अश्विनी कुमार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डा़ वर्ष 1973 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए तथा विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। एसपीजी में अपनी सेवाएं देने वाले डॉ. अश्विनी कुमार हिमाचल प्रदेश के पुलिस महा निदेशक तथा सीबीआई के निदेशक भी रहे। उत्कृष्ट सराहनीय सेवाओं के लिए उनको वर्ष 1989 में भारतीय पुलिस पदक तथा वर्ष 1909 में राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। डॉ. अश्विनी कुमार का 7 अक्टूबर, 2020 को निधन हो गया।

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल

उन्होंने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 28 फरवरी, 1928 को राजकोट में हुआ। वह करीब तीन दशकों तक गुजरात विधान सभा के सदस्य रहे। गुजरात विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। पटेल मार्च, 1995 से अक्टूबर, 1995 तथा मार्च, 1998 से अक्टूबर, 2001 तक दो बार गुजरात के मुख्य मंत्री रहे। पटेल छठी लोक सभा के लिए हुए चुनाव में राजकोट निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए। दीर्घ संसदीय अनुभव वाले पटेल वर्ष 2002 से 2008 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे। पटेल का 29 अक्टूबर, 2020 को निधन हो गया।

 

 

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