सीएम के दरबार में अपमानित हुई महिला शिक्षिका, बिलख-बिलख कर बयान किया दर्द

0

देहरादून। 28 जून, गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का जनता दरबार लगा। यहां एक महिला ने सीएम रावत से अपना ट्रांसफर देहरादून कराने की अपील की। महिला की अपील का जवाब देते हुए सीएम रावत ने ट्रांसफर एक्ट के तहत ट्रांसफर होने की बात कही। इस बात से नाराज महिला ने ऊंची आवाज में अपना गुबार निकालना शुरू कर दिया। इसके बाद सीएम ने महिला को वहां से बाहर निकालने का आदेश दे दिया। वहीं शिक्षा विभाग से महिला को फ़ौरन सस्पेंड करने की बात कही।

बेटे ने पिता पर किया जानलेवा हमला, वजह जानकार उड़ जाएंगे…

त्रिवेंद्र सिंह रावत

 

बता दें महिला उत्तरकाशी में प्राइमरी स्कूल की टीचर है। महिला पिछले 20 सालों से यहां पढ़ा रही हैं और वह देहरादून ट्रांसफर लेना चाहती हैं।

इसके लिए उत्तरा कई सालों से कोशिश कर रही है, लेकिन कई बार अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी उनका ट्रांसफर नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने गुरुवार को आयोजित हुए जनता दरबार में अपनी अपील लेकर शिरकत की, जहां सीएम ने उनकी शिकायत सुनने के बाद कहा कि ट्रांसफर एक्ट के तहत ही उनका ट्रांसफर किया जाएगा।

इस खतनाक रोड पर बाइक दौड़ाने वाली उत्तराखंड की पहली लड़की…

खबरों के मुताबिक़ सीएम दरबार में अपमानित हुई उत्तरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उसे सबके सामने ‘इसे’ कहते हुए संबोधित किया, जो अपमानजनक था। महिला ने कहा कि क्या वह कोई गई गुजरी चीज है जो उसे ‘इसे’ कहकर संबोधित किया गया।

शिक्षिका ने कहा, ‘सीएम ने सबके सामने कहा कि इसे बाहर ले जाओ, इसे बाहर ले जाओ… इसे क्या होता है? किसको कहते हैं इसे? मैं क्या कोई गई गुजरी चीज हूं? मेरा कोई पूछने वाला नहीं है… मेरे पति नहीं हैं तो मुझे कोई पूछने वाला नहीं है…’ इतना कहने के बाद उत्तरा कैमरे के सामने ही रोने लगीं।

उन्होंने आगे कहा, ‘जब एक मुख्यमंत्री एक महिला शिक्षिका को इसे कह सकते हैं तो एक शिक्षिका क्यों नहीं जवाब दे सकती है। मैं ईमानदारी से नौकरी कर रही थी, अनुशासन में रहकर नौकरी कर रही थी… ये भ्रष्टाचार वालों ने दलदल में धकेल दिया, तो मैं क्यों नहीं आवाज उठाऊंगी। चोरों को चोर ही बोलूंगी, बेईमान को बेईमान ही कहूंगी… जो जैसा है उसे वो ही कहूंगी। ब्रम्हा, विष्णु, महेश भी मेरे सामने आएंगे तो मैं उनसे भी यही कहूंगी। मैं पूछूंगी कि उनके राज में क्या हो रहा है। जो जितना ईमानदार है उस पर उतनी ही गाज गिर रही है।’

सीएम का जवाब सुनने के बाद उत्तरा ने दरबार में ही क्रोधित होकर ऊंची आवाज में चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने सीएम रावत और वहां मौजूद अधिकारियों के सामने अपना गुस्सा निकाला। उन्होंने रावत को गुस्से में जमकर खरी-खोटी सुना दी, जिसके बाद सीएम ने पुलिस अधिकारियों को आदेश देकर महिला को बाहर निकालने को कहा।

महिला के मुताबिक़ ट्रांसफर की गुहार लगाने के पीछे मुख्य कारण देहरादून में रहने वाले उनके बच्चे हैं। महिला के बच्चे देहरादून में पढाई कर रहे हैं। महिला विधवा है इसलिए वो यहां ट्रांसफर लेना चाह रही थी।

loading...
शेयर करें