टीआरपी घोटाला: मुंबई पुलिस ने बीएआरसी के पूर्व सीओओ को किया गिरफ्तार

आरोप है कि जिन कुछ घरों में बार-ओ- मीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया

मुंबई: मुंबई पुलिस ने गुरुवार को कथित टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग पॉइंट) घोटाला मामले में संलिप्त ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिस (सीओओ) रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार कर लिया।

टीआरपी घोटाले की जांच में यह 14 वीं गिरफ्तारी है, लेकिन पहला मामला है जो बीएआरसी से जुड़ा है और रिपब्लिक टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विकास खानचंदानी को 13 दिसंबर को गिरफ्तार करने के बाद मुश्किल पांच दिन बाद यह गिरफ्तारी हुयी है। विकास को 15 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया गया और 16 दिसंबर को जमानत दे दी गई।

गौरतलब है कि बार्क द्वारा हंसा रिसर्च एजेंसी के माध्यम से कुछ चैनलों के खिलाफ टीआरपी में धांधली करने की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने इस कथित घोटाले की जांच शुरू की थी। कुछ घरों में मशीनों के जरिये दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है। बीएआरसी टीवी चैनलों के लिए साप्ताहिक रेटिंग जारी करता है, जो विज्ञापन देने वालों को आकर्षित करने के लिए अहम होती है।

आरोप है कि जिन कुछ घरों में बार-ओ- मीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया, ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके। रिपब्लिक टीवी ने हालांकि आरोपों का खंडन किया है और मुंबई पुलिस पर चैनल और उसके अधिकारियों को परेशान करने का आरोप लगाया है।

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