एक लाख में आतंकियों को इधर से उधर पहुचाने का धंधा कर रहे ट्रक चालक

जम्मू: जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद अब आतंकियों का बाहर निकलना नामुमकिन हो गया है| इसके चलते भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करने के लिए आतंकियों ने अपने ठिकाने पर पहुचने के लिए ट्रक चालक व परिचालक की मदद ले रहे है| इसके लिए चालक या परिचालक आतंकियों से 70 हजार से एक लाख रुपये तक की रकम लेते हैं। नगरोटा के बन टोल प्लाजा पर आतंकी हमले में पकड़े गए ओवर ग्राउंड वर्करों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।

जांच एजेंसी के सूत्रों में बताया गया है कि आतंकियों के नेटवर्क में श्रीनगर से जुड़े रूट पर चलने वाले ट्रक एक बड़ी कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं। ट्रक ड्राईवरों द्वारा आतंकियों को इनके ठिकानों तक पहुंचाने का सौदा होता है। पूछताछ में आतंकियों के ओजीडब्ल्यू ट्रक चालक और सहचालक ने बताया है कि उन्हें सामान्य आतंकी के 70 हजार जबकि बड़े आतंकी को पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये मिलते हैं। बन टोल प्लाजा ही नहीं, इससे पूर्व में पकड़े व मारे गए आतंकियों के मामले में भी इसका खुलासा हुआ है।

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जम्मू-कश्मीर के आतंकवादी इलाकों में ट्रकों की खरीद पहले से ज्यादा हो गई है। और भी ना जाने ऐसे कितने काम होंगे जो कि आतंकियों, हथियारों के लाने व ले जाने के अलावा अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए भी ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अनंतनाग, कुपवाड़ा, राजोरी, पुंछ, किश्तवाड़ा के साथ डोडा और श्रीनगर नंबरों का पंजीकरण ज्यादा हो रहा है। सामान ढुलाई के बहाने से आतंकवादियों को एक जगह से दूसरी जगह पर ट्रकों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।

छानबीन में एन एच के किनारे बने होटल और ढाबा के मालिको पर भी जांच एजेंसियों की तिरछी नजर है| पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों और उनके मददगारों के रुकने की व्यवस्था ढाबों-होटलों में होने के भी इनपुट हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां अब हाईवे से सटे होटलों और ढाबों पर भी पूछताछ कर रही है।

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