सिपाही भर्ती परीक्षा : दो दिन में हत्थे चढ़े 56 सॉल्वर्स को ATS ने किया गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को बड़ी सफलता मिली है। यूपी एटीएस ने दो दिन करीब 56 सॉल्वर्स को गिरफ्तार किया है। अलग अलग शहरों से कई लोग गिरफ्तार किए गए हैं जो दूसरों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे।वहीं मेरठ से 22 लोग गिरफ्तार किए गए जो हरियाणा के बताए जा रहे हैं।

एसटीएफ

पकड़े गए लोगों के पास से 26 मोबाइल, 10 लाख रुपये, प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में छात्रों के दस्तावेज मिले हैं। वहीं पुलिस ने मेरठ से ही सुबह की पाली की परीक्षा के दौरान एक और साल्वर को पकड़ा, जो दूसरे अभ्यर्थी के नाम पर परीक्षा देने पहुंचा था। मथुरा व आगरा में सॉल्वर गैंग के सदस्यों को गिफ्तार किया गया है। इस प्रकार मंगलवार को पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान दो दर्जन से ज्यादा मुन्नाभाइयों को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि टीम ने मुखबिर की खबर पर सॉल्वर गिरोह के सदस्यों को कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के एक मकान से पकड़ा। गिरोह का सरगना बागपत के कुरड़ी गांव का रहने वाला शकील है, जिसका यूपी पुलिस कॉस्टेबल के पद पर हाल ही में चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि शकील ने एक दिन पहले हुई परीक्षा में कई जिलों में अपने सॉल्वर बैठाए थे। पूछताछ में शकील ने एसटीएफ को बताया कि करीब 50 छात्रों से सौदा तय हुआ था। हालांकि वे 10 छात्रों से ही पैसा वसूल पाए थे।

उसने बताया कि वह लोग आधार कार्ड पर फोटो बदलकर सॉल्वर को परीक्षा कक्ष में बैठाते थे। इससे पहले इस गिरोह ने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में सॉल्वर बैठकर कई छात्रों का चयन कराया है। उसने दावा किया कि उसके द्वारा बैठाए गए सॉल्वर कभी पकड़े नहीं गए। आज आरोपितों ने कई अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा में बैठाया था। वह लोग अभ्यार्थियों को अपने जाल में फंसाते और सौदा तय हो पर अभ्यार्थियों की जगह सॉल्वर से परीक्षा दिलाते। इस काम के लिए वह परीक्षार्थी से पांच लाख रुपये लेते और सॉल्वर को एक लाख रुपये देकर चार लाख रुपये अपने पास रख लेते।

सीओ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से पास से दस लाख रुपया भी बरामद किया। सभी आरोपी हरियाणा के सोनीपत व पानीपत के रहने वाले हैं और परीक्षार्थी वेस्ट यूपी के जिलों के रहने वाले हैं।

सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि गिरोह ने प्रत्येक परीक्षार्थी से नकल के नाम पर चार से पांच लाख रुपये वसूले थे। इनके कब्जे से 26 मोबाइल, 10 लाख 8 हजार रुपये, प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में छात्रों के दस्तावेज मिले हैं।

उधर, सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में सुबह की पाली में दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहे एक मुन्नाभाई को गिरफ्तार किया गया है। परीक्षा के नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने बताया की अभी तक की जांच पड़ताल में सामने आया है की अभ्यर्थी दूसरे अभ्यर्थी के नाम पर परीक्षा देने पहुंचा था।

एनएच-58 स्थित वेंकटेश्वरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पकड़ा गया आरोपी गंगा सिंह राजस्थान के धौलपुर निवासी बताया गया है। यह राम लखन के नाम पर परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर एडमिट कार्ड और अभ्यर्थी के मूल कागजातों की जांच शुरू कर दी है।

वहीं आगरा जिले के सिकंदरा से भी एक सॉल्वर को पकड़ा गया है। सिकंदरा के पनवारी स्थित बाल मुकुंद इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहा सॉल्वर जय प्रकाश बिहार के बक्सर जिले के हमीरपुर का रहने वाला है। वह यहां अलीगढ़ के थाना गोदाम स्थित कैंट निवासी हेमंत की जगह पर लिखित परीक्षा दे रहा था। इसी प्रकार मथुरा में भी साल्वरों को पकड़ा गया है।

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