आर्मेनिया और अजरबैजान के युद्ध में तुर्की और पाकिस्तान ने जोड़ा आतंकवाद का एंगल

नई दिल्लीः पश्चिम एशयाई देश आर्मेनिया और अजरबैजान में चल रही जंग भीषण नरसंहार में तब्दील हो गई है। इस युद्ध में जहां 27 हजार से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई है, वहीं तुर्की और पाकिस्तान ने भी आतंकवादियों को युद्ध के मैदान में उतार दिया है।

नागोर्नो-काराबाख नामक क्षेत्र को लेकर आर्मेनिया और अजरबैजान में शुरू हुई इस जंग ने खूनी खेल का रूप ले लिया है। दोनों देशों की सीमाओं पर हजारों सैनिकों की शहादत के बाद तुर्की और पाकिस्तान ने इस युद्ध में आतंकवादियों को भेज दिया है। ये आतंकवादी अजरबैजान की तरफ से युद्ध में हिस्सा लेंगे।

दरअसल तुर्की और पाकिस्तान इस युद्ध की शुरूआत से ही अजरबैजान का खुलकर साथ दे रहे थे। हालांकि दोनों देशों ने औपचारिक तौर पर युद्ध में हिस्सा नहीं लिया है। लेकिन इन देशों ने इस खूनी संघर्ष को और भीषण बनाने के लिए के आतंकवादियों को भी युद्ध क्षेत्र में आर्मेनिया के खिलाफ उतार दिया है। इस जानकारी की पुष्टी खुद आर्मेनिया के विदेश मंत्री ने भी की है।

गौरतलब है कि आर्मेनिया शरूआत से ही युद्ध क्षेत्र में तुर्की विमान के उड़ान भरने और अजरबैजान द्वारा आम नागरिकों पर हमले का आरोप लगाता आया है, जिसे अजरबैजान ने सिरे सेखारिज कर दिया है। लगातार पांच दिन तक चलने वाले इस युद्ध में अभी तक सीजफायर के कोई संकेत नहीं हैं, वहीं आतंकवादियों के युद्ध क्षेत्र में उतरने से स्थित बेहद गंभीर होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

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