अजरबैजान के आह्वान पर युद्ध में भाग लेगा तुर्की, तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने के कयास

अरब देशों का खलीफा बनने की चाहत रखने वाले तुर्की ने खुलकर अजरबैजान के समर्थन में उतरने का एलान कर दिया है।

नई दिल्लीः आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में अरब देशों का खलीफा बनने की चाहत रखने वाले तुर्की ने खुलकर अजरबैजान के समर्थन में उतरने का एलान कर दिया है।

दरअसल नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्‍जे को लेकर मध्य एशियाई देश आर्मेनिया और अजरबैजान में चल रही जंग की आंच तुर्की तक भी जा पहुंची है। इस युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से अजरबैजान का समर्थन करने के बाद अब तुर्की खुलकर अजरबैजान के पक्ष में खड़ा हो गया है। तुर्की ने अजरबैजान के बुलावे पर युद्ध में हिस्सा का एलान कर दिया है।

तुर्की के उपराष्‍ट्रपति फौत ओकताय ने इस बाबत चर्चा करते हुए कहा है कि, अगर अजरबैजान की ओर से सेना भेजने का अनुरोध आता है तो तुर्की अपने सैनिकों और सैन्‍य सहायता को देने से हिचकेगा नहीं।

हालांकि फौत की माने तो अभी तक अजरबैजान की तरफ से तुर्की के युद्ध में भाग लेने से संबंधित कोई अनुरोध नहीं आया है।

मीडिया से मुखातिब होते हुए फौत ने अमेरिका, रूस और फ्रांस पर निशाना साधा है। फौत ने कहा कि, यह समूह नहीं चाहता है कि नागोर्नो-काराबाख का विवाद खत्‍म हो। यह सभी देश आर्मीनिया की राजनीतिक और सैन्‍य रूप से मदद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि दोनों देशों में 27 सितंबर से ही जंग शुरू है। जहां एक तरफ रूस और अमेरिका की तरफ से सीजफायर की कोशिशें की जा रही हैं, वहीं इस युद्ध में कई आम नागरिकों सहित सैनिकों की जान चली गई है।

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