Air Traffic कंट्रोलर की चूक से टकराते टकराते बचीं दो फ्लाइट्स : रिपोर्ट

नई दिल्ली : हाल ही में जारी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की एक रिपोर्ट ने एक बेहद चौकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्तीस जनवरी को हमदाबाद-चेन्नई जा रही एयरएशिया इंडिया और बेंगलुरु-वडोदरा जा रही इंडिगो  एक दूसरे के टकराव क्व दायरे में बेहद करीब आ गए थे। Air Traffic में कमी से कोई हादसा नहीं हुआ, वरना यह आज़ाद भारत का सबसे बुरा हवाई हादसा होता।

Air Traffic कंट्रोलर की इस चूक से जा सकती थी सैकड़ों जानें

अगस्त में  जारी हुई इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस गंभीर चूक का कारण हवाई यातायात नियंत्रक का स्थिति से अनजान होना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस का एक अन्य संभावित कारण यह था कि मुंबई एयरपोर्ट पर नियंत्रक द्वारा स्थिति का मूल्यांकन पहले से फैसला ले लिया गया था।  घटना का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमदाबाद से दक्षिण भारत जाने वाली ज्यादातर उड़ानें भावनगर के ऊपर से जाती हैं।

हालांकि, 29 जनवरी को, एयरएशिया इंडिया की उड़ान उस मार्ग पर थी जिसका उपयोग आमतौर से मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने वाले विमानों द्वारा किया जाता है। जो साबित करता है की एयर ट्राफीक कंट्रोलर ने लापरवाही बरतते हुए बड़ी चूक की। रिपोर्ट में कहा गया है कि नियंत्रक अपने पिछले अनुभव के कारण यह मान रहा था कि एयरएशिया इंडिया की उड़ान भावनगर के ऊपर अपने सामान्य मार्ग पर है। इसलिए नियंत्रक ने सोचा कि एयरएशिया इंडिया की उड़ान इंडिगो की उड़ान के बहुत करीब नहीं है।

जब तक नियंत्रक को स्थिति का एहसास हुआ, तब तक एयर एशिया इंडिया की उड़ान 38,008 फुट की ऊंचाई तक पहुंच गई थी, जबकि इंडिगो की उड़ान 38,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रही थी। एयरएशिया इंडिया की उड़ान और ऊंची होती गई, क्योंकि उसकी टीसीएएस ने पायलटों को चेतावनी जारी की थी। वहीं, इंडिगो की उड़ान 38,000 फुट की ऊंचाई पर ही बनी रही। जिसकी बदौलत बड़ा हादसा टल गया।

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