आईएस के दो आतंकी उत्तर प्रदेश में घुसे, अयोध्या-नेपाल बॉर्डर पर चौकसी बढ़ी

गोरखपुर: आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े दो आतंकियों के उत्तर प्रदेश में दाखिल होने की खुफिया सूचना के बाद नेपाल की सीमा से सटे जिलों को अलर्ट कर दिया गया है| बस्ती क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आशुतोष कुमार ने रविवार को बताया कि खुफिया सूचना के तहत दो वांछित आतंकवादियों अब्दुल समद और इलियास के नेपाल भागने की फिराक में होने की बात सामने आई है| इस आशंका को देखते हुए महाराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थ नगर समेत नेपाल की सीमा से सटे जिलों में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है|

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, अब्दुल और मोइनुद्दीन को आखिरी बार 16 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में देखा गया था। जांच में पता चला कि सीरिया से लौटने के बाद दोनों आतंकी दक्षिण भारत समेत अन्य राज्यों में युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें इस्लामिक स्टेट से जोड़ रहे थे।दोनों पाक समर्थित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के भी संपर्क में हैं। मोइनुद्दीन को सितंबर 2017 में एनआईए ने चेन्नई से पकड़ा था जबकि समद फरवरी 2018 में पकड़ा गया था। समद ने पुणे ब्लास्ट से जुड़े आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य को हवाला के जरिए खाड़ी देश से मिले 3.50 लाख रुपए भी पहुंचाए थे।

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (एलओसी), अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और घाटी के भीतर सुरक्षा बलों की जबरदस्त सख्ती की वजह से आईएसआई को यह नया रास्ता ढूंढना पड़ा है। पाकिस्तान से घुसपैठ लगभग बंद है। घाटी में आतंकियों, अलगाववादियों और टेरर फंडिंग पर अंकुश की सूरत में नेपाल से धन, छोटी मात्रा में विस्फोटक और आईईडी जैसे हथियार मुहैया कराए जाने के ठोस सुराग मिले हैं।

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