गुरदासपुर (Gurdaspur) तथा फिऱोज़पुर (Firozpur) में बनेंगी दो नयी कैंपस यूनिवर्सिटियां, कैमरों की निगरानी में होंगे इम्तिहान

पंजाब (Punjab) के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि गुरदासपुर (Gurdaspur) और फिऱोज़पुर (Firozpur) में दो नयी कैंपस यूनिवर्सिटियों की स्थापना की जा रही है।

चंडीगढ़ : पंजाब (Punjab) के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने कहा है कि गुरदासपुर (Gurdaspur) और फिऱोज़पुर (Firozpur) में दो नयी कैंपस यूनिवर्सिटियों की स्थापना की जा रही है। शहीद भगत सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैकनॉलॉजी फिऱोज़पुर और बेअंत कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी गुरदासपुर को आगामी विधानसभा बजट सत्र में कैंपस यूनिवर्सिटी बनाने के लिए बिल पेश किया जायेगा।

विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुये उन्होंने आज यहां पत्रकारों से कहा कि शिक्षा का मानक और बढिय़ा करने के लिए आई.आई.टी. रोपड़ के साथ एम.ओ.यू साइन किया गया है और आई.आई.टी. रोपड़ को उनका मैंटर बनाया गया है। राज्य के सरकारी तकनीकी संस्थाओं में शिक्षा में व्यापक सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए गए।

कैमरों की निगरानी में होंगे इम्तिहान

उन्होंने बताया कि सरकारी तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के अध्यापकों /इंस्ट्रक्टरों की जवाबदेही तय की गई है, नकल पर मुकम्मल रोक लगाई गई है। सामूहिक नकल करवाने की दोषी पाई गईं संस्थाओं के खि़लाफ़ बड़े स्तर पर कार्यवाही की गई। राज्यभर के सभी संस्थानों में इम्तिहान कैमरों की निगरानी में करवाने के लिए केन्द्रों में कैमरे लवाए गए हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत संस्थानों के इम्तिहानों की निगरानी मुख्य कार्यालय के साथ ऑनलाइन भी जोड़ दी गई है और बाकी को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है। अब तक 25 सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेजों और 114 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में कैमरे लगाए गए हैं।

बहु-तकनीकी कॉलेजों में हुए 87 प्रतिशत दाखि़ले

चन्नी ने बताया कि इन सुधारों के कारण ही लोगों की सरकारी तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में विश्वसनियता बढ़ी है, जिस कारण राज्य के सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में दाखि़लों में भारी विस्तार हुआ है। कोविड-19 के बावजूद मौजूदा साल में राज्य के सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेजों में 87 प्रतिशत दाखि़ले हुए, जबकि पिछली सरकार के समय यह दाखि़ला प्रतिशतता काफ़ी कम थी।

लोक निर्माण विभाग ने जारी किया टैंडर

उन्होंने बताया कि साल 2017-18 से राज्य के सरकारी बहु-तकीनकी कॉलेजों में सी.एम. स्कॉलरशिप स्कीम लागू की गई थी। इस स्कीम का मंतव्य मैरीटोरियस विद्यार्थियों को सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेजों की तरफ प्रोत्साहित करना था। चमकौर साहिब में स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है, जिसके पहले चरण के अंतर्गत स्किल कालेज की स्थापना हेतु आई.के.जी. पी.टी.यू कपूरथला की तरफ से 120 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से इस काम का टैंडर जारी कर दिया गया है और इस साल में इस कालेज का निर्माण मुकम्मल कर दिया जायेगा।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आई.टी.आईज) की सीटें दुगुनी की गई हैं क्योंकि आई.टी.आई. कोर्सों में दाखिलों के लिए बड़ी संख्या विद्यार्थी इच्छुक थे, जिनको दाखिला नहीं मिल रहा था। इस साल कई गरीब विद्यार्थी सिर्फ 3400 रुपए की सरकारी फीस के साथ वोकेशनल निपुणता हासिल करने के योग्य होंगे।

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लागू किया गया ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग

उनके अनुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को उद्योगों के अनुसार बनाने के लिए आई.टी.आईज में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डी.एस.टी.) लागू किया गया। इस सिस्टम के अंतर्गत विद्यार्थी आई.टी.आई में 6 महीनों के लिए थ्यूरैटीकल ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं और 6 महीनों के प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए उद्योग में जाते हैं। इस साल डी.एस.टी. के अधीन 413 यूनिट चलाईं गई हैं और 8500 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ होगा।

इस स्कीम के तहत हीरो साइकिल, ट्राइडेंट लिमिटेड, एवन साईकल्ज, स्वराज इंजन लि0, महिंद्रा एंड महिंद्रा, फेडरल मोगूल पटियाला, गोदरेज एंड बुआइस लिमटिड, मोहाली, इंटरनेशनल ट्रैक्टरज लिमटिड (सोनालिका) होशियारपुर, एन.एफ.एल बठिंडा के साथ समझौता किया है। हीरो यूटैकटिक इंडस्ट्री लुधियाना, पंजाब ऐलकलीज एंड कैमीकल लि0 नंगल, लैक्मे इंडिया लिमटिड, होटल हयात, होटल ताज आदि के साथ समझौता किया गया है।

दो साल पहले तक, लगभग आधे कोर्स स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) के साथ संबद्ध हुए थे। उनके सर्टिफिकेट सिर्फ पंजाब में मान्य थे। पिछले 15 महीनों के दौरान, हम इनको अपग्रेड करने और उनको नेशनल कौंसिल फार वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एन.सी.वी.ई.टी.) के साथ ऐफीलीएट करवाए हैं। यह एन.सी.वी.ई.टी. सर्टिफिकेट न सिर्फ पूरे देश में, बल्कि पूरे विश्व के 160 देशों में मान्यता प्राप्त हैं।

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