एयरपोर्ट के पास दो सीरियल धमाका, मच गई चीखपुकार, तालिबान ने की निंदा

काबुल: पूरी दुनिया में इस समय सभी देश की नजर अफगानिस्तान के हालातों पर टिकी हुई है। तालिबानी कब्जे के बाद से अफगान पूरा बरबादी के कगार पर है। राजधानी काबुल के एयरपोर्ट के पास गुरुवार को दो सीरियल धमाके हुए हैं। धमाके के बाद से त्राहि-त्राहि मची हई है और बच्चों समेत 13 लोगों की जान चली गई। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 60 लोगों के घायल हो गए हैं।

इनके अलावा इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं। खबरों के मुताबिक, पेंटागन ने दोनों एयरपोर्ट पर हमले हुए है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सचिव जॉन किर्बी ने जानकारी दी है कि, पहला धमाका एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर हुआ और इसके बाद दूसरा धमाका एयरपोर्ट के नजदीक बने बरून होटल के पास हुआ, जहां पर ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे।

एयरपोर्ट की तरफ जाने पर लगाई रोक

गुरुवार को हुए इन धमाकों के बाद अमेरिकी दूतावास ने अलर्ट जारी कर दिया गया है। दूतावास ने लोगों को एयरपोर्ट की तरफ जाने पर रोक लगा दी है। दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि जो भी अमेरिकी नागरिक एबी गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट के पास हैं वो वहां से तुरंत निकलें और काबुल एयरपोर्ट के पास जाने से बचें।

इस हमले की तालिबान ने की निंदा

वहीं, काबुल हवाई अड्डे के बाहर हुए धमाकों को लेकर तालिबान ने निंदा की और कहा कि यह हमला अमेरिकी सेनाओं के नियंत्रण वाले क्षेत्र में हुआ। इन हमलों पर भारत ने चिंता जाहिर करते हुए है कि इस हमले के पीछे ISIS का हाथ हो सकता है। वहीं, अमेरिका के एक अधिकारी का कहना है कि “निश्चित तौर पर माना जा रहा है कि” काबुल हवाई अड्डे के पास हुए बम विस्फोट के पीछे इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह का हाथ है।

पहले से ब्रिटिश सरकार ने दी थी चेतावनी

आपको बता दें इन धमाकों से पहले ब्रिटिश सरकार और अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को ही चेतावनी जारी की थी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर ‘आसन्न’ हमला किए जाने की ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया रिपोर्ट है। चेतावनी देते हुए कहा था कि सभी लोग हवाईअड्डा छोड़कर चले जाएं और काबुल एयरपोर्ट के ईस्ट, नॉर्थ गेट से अमेरिकी नागरिक जल्दी हट जाएं’।

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