दो छात्रों ने एप्पल से की 6 करोड़ रुपए की ठगी, ऐसे बनाया था प्लान

वॉशिंगटन: आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल से चीन के दो छात्रों ने करीब 6 करोड़ रुपए की ठगी की है। अब इंजीनियरिंग के छात्रों यांगयांग झोउ और क्वान जियांग के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा चल रहा है। फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया है।

अगर, उन्हें दोषी पाया जाता है, तो जियांग पर 20 लाख डॉलर का जुर्माना या 10 साल जेल की सजा हो सकती है। वहीं, झोउ को 10 हजार डॉलर का जुर्माना या पांच साल की जेल या दोनों हो सकते हैं। जियांग पर अवैध रूप से नकली सामानों की तस्करी और धोखाधड़ी करने आरोप है, जबकि झोउ पर अवैध रूप से सामान निर्यात करने का आरोप है।

दोनों छात्रों ने आईफोन बदलने के नाम पर एपल के साथ धोखाधड़ी की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने चीन से नकली आईफोन की तस्करी शुरू की। इसके बाद वे आईफोन को सर्विस सेंटर पर रिपेयरिंग या रिप्लेस करने के लिए ले जाते थे। वे सर्विस सेंटर पर सबसे ज्यादा आईफोन के ऑन न होने की शिकायत करते थे।

अधिकतर मामलों में एपल ने इन दोनों छात्रों की शिकायत के बाद उन्हें असली आईफोन दिए। बताया जा रहा है कि इस प्रकिया में एपल को करीब 6 करोड़ रुपए का चूना लगा। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों छात्रों ने 3,069 आईफोन की वारंटी के लिए दावा किया था, जिनमें से एपल ने 1,493 दावे को स्वीकार कर उन्हें नकली के बदले में असली आईफोन दे दिए।

एक आईफोन के बदले में उन्हें 600 डॉलर (42,000 रुपए) का फायदा होता था। झोउ चीन से आने वाले आईफोन के शिपमेंट का काम संभालता था, जबकि जियांग पैकेज रिसीव कर एपल में उनकी ऑनलाइन या ऑफलाइन कम्पलेंट करता था। मजेदार बात यह है कि एपल ने फोन खरीदने के सबूत देखे बिना ही कई दावों को स्वीकार कर लिया था।

इस धोखा-धड़ी में बनाए गए पैसों की हेरा-फेरी भी काफी अच्छी तरह से की जाती थी। सबसे पहले चीन में बिकने वाले फोन से मिले पैसों में से जियांग के शेयर को थर्ड पार्टी के जरिये उसकी मां के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसके बाद उसकी मां के खाते से यह राशि जियांग के उस खाते में डाल दी जाती थी, जिसका इस्तेमाल वह अमेरिका में कर रहा था। वहीं, कोर्ट में दोनों छात्रों ने कहा कि उन्हें नकली फोन के बारे में जानकारी नहीं थी।

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