UGC के ‘M’ और ‘H’ वाले सुझाव को जावड़ेकर ने किया खारिज, बताई असली वजह

लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी (BHU) को लेकर विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पैनल ने केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों के एक सरकारी ऑडिट में AMU के नाम से ‘मुस्लिम’  और BHU के नाम से ‘हिन्‍दू’ शब्द को हटाने की सलाह दी थी। लेकिन, अब इसपर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक बड़ा बयान दिया है।

यह भी पढ़ें, #GATE2018 : आज आवेदन करने की आखिरी तारिख, जल्दी करें 

amu and bhu

UGC के इस सुझाव पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि AMU के नाम से ‘मुस्लिम’  और BHU के नाम से ‘हिन्‍दू’ शब्द को हटाने का कोई मतलब नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। तो वहीँ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने कहा है कि AMU हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रही है तो ऐसे में यह विचार विरोधाभासी है।

इंडिया टुडे.कॉम के मुताबिक, AMU के पीआरओ मोहम्मद असीम सिद्दिकी के हवाले से लिखा गया है कि मैंने सुबह यह रिपोर्ट देखी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से यह कहीं भी नहीं लगता कि ये यूनिवर्सिटी धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं। यूनिवर्सिटी हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रही है तो ऐसे में यह सिफारिश विरोधाभासी है।’ उन्होंने कहा की यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को एडमिशन धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि मेरिट के आधार पर देती है।

बता दें, UGC की बनायी गयी कमेटियों में से एक कमेटी ने 25 अप्रैल को मानव संसाधन मंत्रालय के कहने पर यह ऑडिट किया था। उस दौरान मंत्रालय 10 केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों में अनियमितताओं की शिकायतों की जांच करना चाहता था। AMU के ऑडिट में BHU का नाम शामिल नहीं था। लेकिन, इसके बावजूद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट्स में इसका संदर्भ दिया है।

कमेटी में ऑडिट के दौरान यह सुझाव दिया कि AMU को या तो सिर्फ ‘अलीगढ़ यूनिवर्सिटी’ कहा जाए या फिर इसका नाम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के नाम पर रख दिया जाए। इसके अलावा BHU के लिए भी कुछ ऐसी ही सलाह दी गयी। फिलहाल फैसला क्या होता है ये तो आने वाले समय में पता चल जाएगा।

Related Articles

Back to top button