UK PM बोरिस जॉनसन ने हिमस्खलन के बाद भारत को मदद की पेशकश की

लंदन : ब्रिटिश प्रधानमंत्री (British prime minister) बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने रविवार को उत्तराखंड (Uttarakhand) में ग्लेशियर फटने (Glacier bursts) के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर हुई जान-माल की नुकसान के बाद भारत (India) के साथ एकजुटता व्यक्त की। ब्रिटिश पीएम ने ट्वीट करते हुए कहा कि ब्रिटेन भारत (Uk india) को इस  संकट से निपटने के लिए हर संभव मदद को तैयार है।

उन्होंने कहा कि मेरा विचार भारत के लोगों और उत्तराखंड के बचाव कर्मियों के साथ है, ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि यूके भारत के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है और किसी भी समर्थन की पेशकश करने के लिए तैयार है।

बता दें कि उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जिले के तपोवन-रेनी क्षेत्र (Tapovan-Rainy Region) में रविवार को एक ग्लेशियर टूट (Glacier bursts) गया, जिससे धौलीगंगा (Dhauliganga) और अलकनंदा (Alaknanda) नदियों में बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई। इस आपदा से आस-पास के घर और ऋषिगंगा बिजली परियोजना (Rishiganga Power Project) पूरी तरह से तबाह हो गया है।

इमैनुएल मैक्रॉन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की

इस घटना के बाद, फ्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (Emmanuel Macron) और भारत में जापानी राजदूत सातोशी सुजुकी (Satoshi Suzuki) सहित दुनिया भर के नेताओं ने ग्लेशियर फटने से प्रभावित हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मैक्रॉन ने ट्वीट कर कहा कि उत्तराखंड (Uttarakhand) प्रांत में ग्लेशियर फटने के बाद फ्रांस ने भारत के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है।

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इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियों के साथ थल सेना, वायु सेना और नेवी के जवान युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने तपोवन क्षेत्र के पास सुरंग में फंसे 12 लोगों को बचाया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रभावित हुए लोगों का अंदाजा लगाना कठिन है लेकिन हम यह मान रहें है कि लगभग 125 लोग लापता हैं यह संख्या अधिक भी हो सकती है।

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