विश्वविद्दालय को विकसित करना चाहिए ‘नवाचार’ – कलराज मिश्र

कलराज मिश्र आज यहां राजस्थान विश्वविद्यालय के 30 वें दीक्षान्त समारोह एवं 75 वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी तथा प्रशासन एक अभियान की तरह कार्य करें।

जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने आह्वान किया है कि विश्वविद्यालय नवाचारों पर ध्यान देते हुए अपने यहां ‘नवाचार’ केन्द्र विकसित करने की पहल करें। कलराज मिश्र आज यहां राजस्थान विश्वविद्यालय के 30 वें दीक्षान्त समारोह एवं 75 वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी तथा प्रशासन एक अभियान की तरह कार्य करें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के बड़े केन्द्र ही नहीं बनें बल्कि विश्वस्तरीय अकादमिक संस्थानों के रूप में विकसित हों। उनमें युगानुरूप पाठ्यक्रम अकादमिक गुणवत्ता के साथ तैयार किए जाने चाहिए।

कलराज मिश्र ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय ऐसा शिक्षा मॉडल विकसित करें जिससे न केवल मस्तिष्क विकसित हो बल्कि युवाओं की सकारात्मक मानसिकता भी बनाने में उसका योगदान हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाने की ही अपनी भूमिका का निर्वहन नहीं करें बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए युवाओं के मार्गदर्शन में भी अपना योगदान दें। उन्होंने प्राध्यापकों को पाठ्यपुस्तकों के साथ ही अधुनातन ज्ञान से निरंतर अपने आपको अपडेट रखने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयास यह होना चाहिए कि विश्वविद्यालय ज्ञान के महान केंद्र बनें।

आगे कहा कि शिक्षा ज्ञान का प्रसार करती है परन्तु अनुसंधान नए ज्ञान का सृजन करता है। नवान्वेषण के जरिए ही विद्यार्थी अर्जित ज्ञान को सामाजिक संपदा के रूप में सबकी भलाई में उपयोग कर सकता है। उन्होंने कोरोना के विकट दौर की चर्चा करते हुए कहा कि इस समय में ऑनलाइन शिक्षा के अवसर तेजी से बढ़े हैं, इसलिए यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सहायता से अद्यतन शिक्षा पद्धति का विकास करें।

समारोह में राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने अपने सम्बोधन में इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि राजस्थान विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी विद पोटेंशियल फॉर एक्सिलेंस के अन्तर्गत देश के शीर्ष पन्द्रह विश्वविद्यालयों में चयनित किया गया है। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले शोधार्थियों सहित दीक्षान्त समारोह में पीएचडी की उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

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