उन्नाव मामला: ज़हर से हुई थी लड़कियों की मौत, पोस्टमार्टम में हुए कई बड़े खुलासे

ताज़ा मामला उन्नाव का है बुधवार रात तीन नाबालिग दलित लड़कियां खेत में दुपट्टे से बंधी पड़ी मिलीं। इनमें दो लड़कियों की मौत हो चुकी है।

उन्नाव: प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटना एक शहर से खत्म नहीं होती है कि दूसरी घटना सामने आ जाती है। एक बार फिर इंसानियत को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक तरफ महिलाओं को सुरक्षा देने के उद्देश्य से लगातार पिंक रिवाल्यूसन लाने का दिखावा कर रही है। चाहे वो पिंक बस सेवा हो, पिंक टॉयलेट हों या फिर पिंक बूथ. लेकिन अभी तक प्रदेश में महिलाओं और दलितों के साथ अत्याचारो में कोई कमी नहीं आयी है।

आपको बतादें कि ताज़ा मामला उन्नाव का है बुधवार रात तीन नाबालिग दलित लड़कियां खेत में दुपट्टे से बंधी पड़ी मिलीं। इनमें दो लड़कियों की मौत हो चुकी है जबकि तीसरी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। दोनों मृतक दलित नाबालिग लड़कियों का पोस्टमार्टम हो चुका है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स का कहना है कि दोनों लड़कियों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। दोनों ने मौत से करीब 6 घंटे पहले खाना खाया था। इनके पेट में 100 से लेकर 80 ग्राम तक खाना मिला है। डॉक्टर्स का कहना है कि खाने में जहर होने की वजह से मौत हुई है।

आखिर क्या छिपाना चाहता है प्रशासन

लेकिन अब सवाल यह उठता कि आखिर उस वक़्त पुलिस आनन-फानन में मृतक किशोरियों के शव को क्यों ले गई जब उनके परिवार जन बिलख रहे थे, रो रहे थे आखिर क्या छिपाना चाहता है प्रशासन अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यही दिखाना था. तो फिर पीड़ित परिवार को नज़र बंद क्यों किया गया ? क्यों किसी को भी उनसे बात करने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक की मीडिया के लोगों को भी आगे नहीं जाने दिया गया। अब क्यों कहा जा रहा है कि लड़किया बंधी हुई हालत में नहीं मिली थी जबकि लड़कियों के भाई ने अपने बयान में साफ़ तौर पर कहा था कि लड़किया बंधी हुई हालत में मिली थी।

आखिर क्यों गांव के लोग धरने पर बैठे है आखिर क्यों राजनितिक दल सीबीआई जाँच की मांग कर रहे है सवाल कई है लेकिन जवाब कोई नहीं। अब देखना यह है कि क्या इस केस में कोई नया मोड़ आएगा या फिर हमेशा से हो रही दलितों के साथ नाइंसाफी को यहाँ भी दर्शाया जाएगा। या फिर इस केस को भी हाथरस जैसा रंग दिया जाएगा। प्रशासन मृतक किशोरियों के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। प्रशासन की ओर से कब्र खोदने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई तो ग्रामीणों ने उसका पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाएंगी तब तक वह किशोरियों का शव दफनाने नहीं देंगे। पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। आने जाने वाले रास्तो पर बैरियर लगा दिया गया है।

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