उन्नाव गैंगरेप मामले में नया मोड़, याचिका दाखिल कर CBI जांच की मांग

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लखनऊ। हाल ही में एक महिला ने उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की थी। इस मामले में नया मोड़ आगया है। जहां भाजपा विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया है वहीं एक जनहित याचिका दायर कर इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।

गैंगरेप

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में अधिवक्ता एमएल शर्मा ने कहा कि पुलिस इस मामले की गंभीरता और निष्पक्षता से जांच नहीं कर रही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि एक साल पुराने इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इतना ही नहीं शिकायत करने पर गैंगरेप पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की गई और उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। पांच दिन बाद पिता की मौत हो गई।

लिहाजा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिया जाए। अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। पुलिस ने इसमें कार्रवाई करते हुए मंगलवार को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। हालाँकि अभी तक इस ममाले के मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं।

पीडिता का कहना है कि उसे न्याय चाहिए, उसका कहना है कि मेरी मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा मिले। उन दरिंदों ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरे पिता की हत्या कर दी इनकी सज़ा से ही मुझे और मेरे परिवार को इंसाफ मिलेगा। पीड़िता और उसके परिवार वालों ने भी मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

क्या है मामला 

बता दें कि उन्नाव की रहने वाली एक युवती ने कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप और अपने पिता को मरवाने का आरोप लगाया है। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गुंडागर्दी और गैंगरेप का आरोप लगाते हुए रविवार को पीड़िता का पूरा परिवार लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गया। इस दौरान पीड़िता ने आत्मदाह करने की कोशिश भी की।

इस बीच पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पीड़िता के पिता की सोमवार को मौत हो गई। पीड़िता का आरोप है कि पिछले साल 4 जून को कुलदीप सिंह सेंगर और उसके कुछ गुर्गों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसने पुलिस से इसका शिकायत की लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि दर्ज कराई गई प्राथमिकी में से विधायक कुलदीप सिंह का नाम तक हटा दिया गया।

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