उन्नाव रेप कांड : 24 घंटों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम को सौपेगी एसआईटी

नई दिल्ली। उन्नाव रेप कांड ने हंगामा मचा रखा है। विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमला कर रही है। वहीँ योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई जिसे 24 घंटों के अंदर अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपनी है। डीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार के मुताबिक, एसआईटी की पांच सदस्यी टीम बनाई गयी है। जिसका नेतृत्व एसपी क्राइम के हाथों में होगा।

एसआईटी

ये टीम पीड़ित द्वारा लगाये आरोपों की जांच कर बुधवार शाम तक अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप देगी। जो जांच टीम गठित की गई है उसमें एसपी क्राइम लखनऊ दिनेश सिंह के अलावा यूपी 100 पुलिस उपाधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव, क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर जेपी यादव और इंस्पेक्टर अवधेश के साथ बाराबंकी में तैनात इंस्पेक्टर अक्षय कुमार हैं। इस जांच टीम के पास ये भी अधिकार है कि वो अगर किसी एक्सपर्ट को अपने साथ लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं।

विधायक पर रेप का आरोप 

पीड़ित और विपक्षी पार्टियां विधायक सेंगर की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। इस रिपोर्ट के आने एक बाद ही योगी सरकार कोई कदम उठाएगी। दरअसल उन्नाव की रहने वाली एक युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था। उसका आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर विधायक के पास पहुंचाया गया।

पीड़ित के पिता की जेल में मौत  

जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को रफा दफा कर दिया। पीडिता अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। उधर, उन्नाव में करीब पांच दिन पहले विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई और उसके गुर्गे किशोरी के पिता पर न्यायलय में लंबित चल रहे मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहे थे और उनसे मारपीट भी की थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट 

वहीँ पीडिता की मौत जेल में हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि पीड़िता के पिता की मौत बुरी तरह पीटाई की वजह से हुई है। रिपोर्ट में 18 निशानों का जिक्र है। पीड़िता के पिता का बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

पीड़िता की मांग 

पुलिस ने मंगलवार को आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह के साथ तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता ने बताया कि पीड़िता का कहना है कि उसे न्याय चाहिए, उसका कहना है कि मेरी मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा मिले। उन दरिंदों ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, मेरे पिता की हत्या कर दी इनकी सज़ा से ही मुझे और मेरे परिवार को इंसाफ मिलेगा। पीड़िता और उसके परिवार वालों ने भी मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। युवती के पिता की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है।

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