उन्नाव कांड मामले की सुनवाई होगी यूपी के बाहर, सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव में हुए बलात्कार के मामले में सीबीआई अधिकारी को आज दोपहर 12 बजे पेश होने का आदेश दिया। इसके साथ ही जांच के बारे में जानकारी देने का भी निर्देश दिया है। न्यायालय ने उस सड़क दुर्घटना मामले की जांच पर जानकारी मांगी है जिसमें उन्नाव बलात्कार पीड़िता घायल हो गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम इस बलात्कार मामले से जुड़े सभी मामलों को उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बाहर स्थानांतरित करेंगे। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई मामले की स्थिति के बारे में जांच का पूरा विवरण चाहते हैं।मुख्य न्यायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल से बलात्कार और सड़क दुर्घटना के संबंध में सीबीआई के निदेशक के साथ बातचीत करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो मामले की कार्यवाही बंद कमरे में भी करेंगे। तुषार मेहता ने सीजेआई को बताया कि उन्होंने सीबीआई के निदेशक से बात की है। मामले की जांच करने वाले अधिकारी लखनऊ में हैं और उनके लिए दोपहर 12 बजे तक दिल्ली आना संभव नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, लिखा पत्र क्यों नहीं मिला अब तक

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्या उन्हें कल साढ़े दस बजे पेश होने के लिए कहा जा सकता है। जिससे सीजेआई ने मना कर दिया और कहा कि वह इस मामले को कल तक के लिए नहीं टाल सकते हैं। उन्होंने सीबीआई प्रमुख को फोन के जरिए जानकारी प्राप्त करके आज ही अदालत को इसके बारे में बताने को कहा। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वह मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश के उन्नाव के बाहर करेगी।

बता दें कि सीजेआई को लिखा उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का पत्र देरी से मिलने पर उच्चतम न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की थी। सीजेआई रंजन गोगोई की पीठ ने बुधवार को मामले को संज्ञान में लेते हुए शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल से रिपोर्ट भी मांगी कि आखिर पत्र को हम तक पहुंचने में देरी क्यों हुई? जस्टिस गोगोई ने रजिस्ट्रार से पूछा कि 12 जुलाई को लिखी गई चिट्ठी मंगलवार दोपहर तक उनके सामने क्यों पेश नहीं की गई?

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