कोरोना महामारी के बाद देश में तेजी से उभरने वाला आर्थिक केन्द्र बना यूपी

वैश्विक महामारी कोविड-19 के बाद यूपी आर्थिक केन्द्र के तौर पर देश में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार ने 40 से अधिक निवेश आशयों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है।

लखनऊ: वैश्विक महामारी कोविड-19 के बाद यूपी आर्थिक केन्द्र के तौर पर देश में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार ने 40 से अधिक निवेश आशयों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। जिसमें दस देशों की कंपनियों के करीब 45 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।

विकास के लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही

यूपी सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रोजगार के नए अवसरों के सृजन और राज्य के निवासियों की आर्थिक उन्नति की दिशा में राज्य में औद्योगीकरण-जनित विकास के लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। राज्य में निवेश व औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रत्यनशील है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा अब तक लगभग 9,700 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 1,95,990 की रोजगार सृजन की सम्भावना वाली परियोजनाओं को लगभग 740 एकड़ भूमि (1097 भूखण्ड) आवंटित की गई है।

उन्होंने बताया कि निवेश परियोजनाओं में से 7,006 करोड़ रुपये के निवेश और 1,71,683 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए 566 एकड़ (871 भूखण्ड) का आवंटन तो केवल यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा ही किया गया है। इसके अलावा उ.प्र. राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 588 करोड़ रुपये के निवेश और 8,441 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए लगभग 52 एकड़ (123 भूखण्ड) आवंटित किए हैं। नोएडा ने 1,341 करोड़ रुपये के निवेश और 14,500 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए 92 एकड़ (101 भूखण्ड) आवंटित किए हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि कुछ प्रमुख निवेशक जिन्हें हाल ही में भूमि आवंटित की गई है। उनमें हीरानंदानी ग्रुप, सूर्या ग्लोबल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमजी कैप्सूल्स, केशो पैकेजिंग, माउंटेन व्यू टेक्नोलॉजीज आदि सम्मिलित हैं। यूपी सरकार ने 40 से अधिक निवेश आशयों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। जिसमें लगभग 10 देशों जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस), यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के लगभग 45,000 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्ताव सम्मिलित हैं।

‘निवेश परियोजनाएं सक्रिय क्रियान्वयन के अधीन हैं’

उन्होंने बताया कि कुछ निवेश परियोजनाएं सक्रिय क्रियान्वयन के अधीन हैं। जिनमे हीरानंदानी ग्रुप ने डाटा सेंटर में 750 करोड़, ब्रिटानिया इण्डस्ट्रीज लिमिटेड ने एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में 300 करोड़, एसोसिएटेड ब्रिटिश फूड पीएलसी (एबी मौरी) (यूके) ने खमीर मैन्यूफैक्चरिंग में 750 करोड़,डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ ने कन्ज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में रु. 200 करोड़ का निवेश, वॉन वेलेक्स (जर्मनी) ने फुटवियर निर्माण में 300 करोड़, सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स प्रा. लि. द्वारा पीओपीपी, बीओपीईटी, मेटालाइज़्ड फिल्म्स प्रोडक्शन प्लांट में 953 करोड़ रूपये का निवेश शामिल है।

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